सत्य पर सारे तप निर्भर जिससे ही पवित्र होती वाणी : आचार्यश्री निर्भय सागर जी ने सत्य धर्म का बताया मर्म
दुनिया असत्य के पीछे जा रही है। सत्य की उपासना कर असत्य को त्यागना ही श्रेयस्कर बताते हुए पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटा मंदिर में पर्यूषण पर्व पर आचार्य श्री निर्भयसागर महाराज ने व्यक्त किए। ललितपुर से पढ़िए, यह खबर... ललितपुर। नम्रता और प्रिय वचन मनुष्य के आभूषण हैं। जिनके हृदय में स
इंदौर • Shreephal Jain News • 02-09-2025, 12:27 am





















