तप में निराकुलता है इससे ही आनंद है : पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ने कहा वही तप जिन शासन में श्लाघनीय है, जो आत्मा कल्याण करे
पट्टाचार्य विशुद्ध सागरजी महाराज ससंघ का मंगल चातुर्मास विरागोदय तीर्थ पथरिया में चल रहा है। यहां पर पर्युषण पर्व के दौरान दसलक्षण महोत्सव के तहत मुनिराजों के प्रवचनों और नित पूजन, अभिषेक, शांतिधारा, भक्ति, आराधना का दौर जारी है। पथरिया से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटिल की यह खबर... विर
इंदौर • Shreephal Jain News • 04-09-2025, 08:58 pm





















