विजयादशमी मानव जीवन का संकल्प दिवस: अहंकार, हिंसा, वासना और अन्य बुराइयों लगातार का संहार करने का साहस दिखाएं
दशहरा एक सच्चे अर्थ में तब विजयादशमी बन पाएगा, जब हम अपने भीतर के अहंकार, वासना और लोभ को परास्त करेंगे। अपने आदर्श और मूल्यों का प्रतीक, धर्म का पालन, सत्य और न्याय के लिए संघर्ष, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा गुणों को पहचानें। समाज में अहंकार, हिंसा, वासना और अन्य बुराइयां लगातार बढ़
इंदौर • Shreephal Jain News • 30-09-2025, 08:13 pm




















