नीलांजना की आकस्मिक मृत्यु देख हुआ वैराग्य लिया दीक्षा का निर्णय : मुनि श्री संभवसागरजी महाराज ने सुनाई भगवान के वैराग्य की कथा
नीलांजना का दृश्य देखा, उसकी आकस्मिक मृत्यु और संसार की असारता का भान हुआ, तब प्रभु ने दीक्षा लेकर वन की ओर गमन किया। ये उद्गार निर्यापक श्रमण मुनि श्री संभवसागर महाराज ने पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत दीक्षा कल्याणक के अवसर पर व्यक्त किए। विदिशा से पढ़िए, यह खबर... विद
इंदौर • Shree Phal News • 14-03-2026, 11:35 pm





















