आत्म तत्त्व ही परिष्कृत होकर परमात्मा बनता है : आचार्य श्री विमर्शसागर जी के सानिध्य में श्री 1008 समवसरण महामण्डल विधान हुआ
1008 समवसरण महामण्डल विधान में हजारों की संख्या में श्रद्धालु इन्द्र-इन्द्राणी बनकर श्री जिनेन्द्र भगवान की महा-आराधना कर रहे हैं। मेरठ से सोनल जैन की यह रिपोर्ट पढ़िए... मेरठ। मेरा महानगर के मध्य लगा भव्यातिभव्य आकर्षक श्री समवसरण है। सम्पूर्ण मेरठ एवं अनेकों नगर शहरों से बृहद सं
इंदौर • Shree Phal News • 04-04-2026, 11:24 pm





















