जैन धर्म दर्शन, संस्कृति, पुरातत्व, कला, प्राच्य भाषा एवं साहित्य के थे संरक्षक : हृदय में सदा जीवंत रहेंगे पूज्य भट्टारक स्वामी जी
श्रवणबेलगोला मठ के समाधि लीन स्वस्ति श्री जगद्गुरु चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी पर डॉ. अरिहन्त कुमार जैन, असिस्टेंट प्रोफेसर, जैन अध्ययन संस्थान, क. जे. इंस्टीट्यूट ऑफ धर्म स्टडीज, सोमैया विद्याविहार यूनिवर्सिटी, मुम्बई का विशेष संस्मरण... जगद्गुरु कर्मयोगी स्वतिश्री चारुकीर्ति भट्ट
श्रवणबेलगोला • Shreephal Jain News • 29-03-2023, 06:19 pm

























