सम्मेद शिखरजी। शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखरजी स्थित तेरापंथ कोठी में परम पूज्य आचार्य श्री वसुनंदी जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य उपाध्याय श्री बृषभानंद जी महाराज ससंघ के चातुर्मास 2026 का मंगल कलश स्थापना समारोह श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। 31 जुलाई 2026 को दोपहर 1 बजे झंडारोहण के साथ सम्मेद शिखर कलश, पुष्पदंत कलश, पार्श्वनाथ कलश सहित कुल 11 कलशों की स्थापना की गई।
मंगलाचरण और दीप प्रज्ज्वलन
अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन जयपुर ने बताया कि धर्मसभा में विभिन्न मंदिरों में विराजमान आचार्य, साधु एवं आर्यिकाएं संघ सहित उपस्थित रहे। विभिन्न प्रांतों से आए गुरु भक्तों, मंदिर प्रबंध समिति के पदाधिकारियों तथा धर्म जाग्रति संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भी सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रीति दीदी के मंगलाचरण से हुआ। अतिथियों एवं पदाधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलन किया। इसके बाद परंपरा के प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज एवं अंकलीकर आदि सागर जी महाराज के चित्रों का अनावरण किया गया। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उपस्थित श्रेष्ठियों एवं पदाधिकारियों का तिलक, माला एवं दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया।
संतों का पाद-प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट
इस अवसर पर पूज्य आचार्य, उपाध्याय एवं साधुओं का पाद-प्रक्षालन दिल्ली ग्रीन पार्क, मधुबन के श्रेष्ठी भूपेन्द्र जैन, सुरेश जैन, सुकेश जैन, द्वारका जैन, रानू जैन आदि परिवारों ने किया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं द्वारा शास्त्र भेंट किए गए।
चातुर्मास के लिए श्रद्धालुओं ने किया निवेदन
धर्मसभा में उपस्थित सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं ने खड़े होकर हाथ जोड़कर उपाध्याय श्री को नमोस्तु करते हुए 13 पंथी कोठी, मधुबन में चातुर्मास करने का निवेदन किया। इस पर उपाध्याय श्री बृषभानंद जी महाराज ने कहा कि जब परम पूज्य आचार्य श्री ने सहमति प्रदान कर दी है, तो चातुर्मास करने की हमारी भी सहमति है। इस घोषणा के साथ धर्मसभा गुरुदेव के जयकारों से गुंजायमान हो उठी।
इन परिवारों को मिला कलश स्थापना का सौभाग्य
प्रथम कलश ‘सम्मेद शिखरजी’ के नाम से स्थापित करने का सौभाग्य मुरैना जैन परिवार को प्राप्त हुआ। द्वितीय ‘पुष्पदंत मंगल कलश’ मुरैना के विनोद जैन तार वाले परिवार तथा तृतीय ‘पार्श्वनाथ मंगल कलश’ स्थापित करने का पुण्य सपना जैन, प्रीति विहार, दिल्ली परिवार को प्राप्त हुआ।
इसके अतिरिक्त 11 रजत कलश कमलकुमार, भूपेश जैन, हिमांशु जैन कामां-फरीदाबाद परिवार, अंजू जैन, नारद जी जैन नोएडा सहित विभिन्न स्थानों से आए श्रेष्ठियों द्वारा स्थापित किए गए।
मुनिश्री शिवानंद जी एवं प्रशमानंद जी ने रखे विचार
धर्मसभा में परम पूज्य युगल मुनिश्री शिवानंद जी एवं प्रशमानंद जी ने चातुर्मास के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने चातुर्मास को आत्मकल्याण, धर्म प्रभावना, स्वाध्याय एवं साधना का महत्वपूर्ण अवसर बताया।
गणमान्यजनों की रही सहभागिता
कार्यक्रम का संचालन प्रतिष्ठाचार्य मनोज जैन दिल्ली ने किया। इस अवसर पर पूर्व पुलिस कमिश्नर दिल्ली रमेश जैन गर्ग बोलखेड़ा, उदयभान जैन कामां/जयपुर, भूपेश जैन, हिमांशु जैन कामां/फरीदाबाद, संजय ठोलिया जयपुर, बसंत बाकलीवाल जयपुर, अनिल जैन गदिया गायत्रीनगर/सम्मेद शिखरजी, पंकज लुहाड़िया एवं सेठी थड़ी मार्केट, जयपुर सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
उपाध्याय श्री ने प्रदान किए मंगल आशीर्वचन
समारोह के अंत में उपाध्याय श्री बृषभानंद जी महाराज ने विभिन्न मंदिरों से पधारे सभी साधु-संतों के वात्सल्य एवं उपस्थिति की कोटि-कोटि अनुमोदना की। उन्होंने विभिन्न प्रांतों से आए भक्तों, पदाधिकारियों एवं प्रबंधकों को मंगल आशीर्वचन प्रदान किए। चातुर्मास 2026 के शुभारंभ के अवसर पर सम्मेद शिखरजी का वातावरण धर्म, भक्ति एवं गुरु आराधना से भक्तिमय बना रहा।



