इंदौर। छत्रपतिनगर दलाल बाग में स्थित विद्या सुधा मंगल देशना मंडप में बुधवार को आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी ने प्रवचन में जीवन में संयम के साथ स्व नियंत्रण के संदेश दिया। गुरु और साधु के आशीर्वाद के बारे में फर्क समझाया। गुरु का महत्व बहुत गहरा है। इसलिए जीवन में गुरु बनाओ। पापा कहने से पापा की वसीयत नहीं मिलती। पापा एक होते हैं। चाचा पिता के समान हैं, लेकिन पिता नहीं है। गुरु जरूर जिंदगी में बना लेना। साधु सदा मिलेंगे। गुरु दुर्लभ है। जिसके जीवन में गुरु नहीं उसका जीवन शुरू नहीं। निरंतर गुरु का आशीर्वाद मिलते रहेगा। तुम्हें कोई आशीर्वाद मांगने की जरूरत नहीं। गुरु नियम से रहते हैं। इससे पहले मुनिश्री ने कहा कि जब हम कल्याण करना चाहते हैं, लेकिन कल्याण नहीं हो रहा है। जब हम धर्म करना चाहते हैं हो नहीं रहा, यह क्यों नहीं हो रहा है।
मां की कही बातों और गुरु की वाणी को मानो
मुनिश्री ने बालक और मां का किस्सा सुनाते हुए इस बात को समझाया कि 99.99 प्रतिशत बालक अपनी मां को मूर्ख समझते हैं। वे अपनी बुद्धि को अच्छा मानते हैं। मां बाहर जाने के लिए मना करती है तो बालक कहता है कि मां तो पागल है। वह अपने दोस्त को भी कहता है। बालक अपनी बुद्धि को ही श्रेष्ठ मानते हैं। उसी तरह आप भी गुरु और भगवान को मूर्ख मानते हो। गुरु कहते हैं कि रात का भोजन त्याग करो, गुटखा छोड़ो, नशे का त्याग करो, लेकिन लोग कहते हैं कि महाराज की मान ली तो हो गए बाबाजी!
गुरु के प्रवचन से ही सम्यक दर्शन मिलेगा
उन्होंने कहा कि तुम परमेष्ठी को मानते हो लेकिन, परमेष्ठी की कही बात नहीं मानते हो। महाराज को मूर्ख मानते हो। गुरु को मान लो, गुरु के प्रवचन से ही सम्यक दर्शन मिल जाएगा। साधु के प्रवचन से ज्ञान मिल जाएगा। सम्यक ज्ञान नहीं मिलेगा। जिनवाणी गुरु के मुख से सुनने से जीवन का कल्याण हो जाएगा।
इन्होंने किया पाद प्रक्षालन, शांतिधारा, दीप प्रज्वलन
विकास जैन, मोनिका जैन, माधवी अद्विक जैन, भरतकुमार पचौरी, जैनम परिवार, डॉ. जैनेंद्र जैन, मनोरमा जैन, राजेश जैन दद्दू, मुक्ता जैन, अतिशय जैन, नवीन गोधा, प्रितपाल सिंह टोग्या आदि ने पाद प्रक्षालन, शांतिधारा और दीप प्रज्वलन किया। इस अवसर पर संचालन अनुराग जैन ने किया। कार्यक्रम के आरंभ ध्वज वंदना भी हुई। बालक अयांश जैन और बालिका यथा ने भक्ति गीत प्रस्तुत किया तथा महिला मंडल ने मंगलाचरण भी प्रस्तुत कर माहौल को धर्ममय बनाया।
यह समाजजन रहे मौजूद
इस अवसर पर सामाजिक संसद के अध्यक्ष आनंद गोधा, हर्ष जैन, सोनाली बागड़िया, विकास जैन, मोनिका जैन, माधवी जैन, अद्विक जैन, भरत पचौरी, डॉ. जैनेंद्र जैन, मनोरमा जैन, राजेश जैन दद्दू, मुक्ता जैन, अतिशय जैन, नवीन गोधा आदि मौजूद गुरु भक्त परिवार रहे।



