अतिशयकारी तीर्थ यशोदय तीर्थ में इस समय जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज के सानिध्य में धर्मप्रभावना बह रही है। मुनिश्री सुधासागर महाराज ने 47 एकड़ के तीर्थ क्षेत्र का अवलोकन किया और तीर्थ क्षेत्र की प्रगति को देखा। पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट...
महरौनी (ललितपुर)। अतिशयकारी तीर्थ यशोदय तीर्थ में इस समय जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज के सानिध्य में धर्मप्रभावना बह रही है। प्रातःकाल मुनिश्री सुधासागर महाराज ने 47 एकड़ के तीर्थ क्षेत्र का अवलोकन किया और तीर्थ क्षेत्र की प्रगति को देखा।इस तीर्थ में एक विशाल पाषाण मंदिर एवं भारत की सबसे बड़ी पाषाण चौबीसी मंदिर का कार्य शुरू हो गया है, महाराज जी के सानिध्य में शिलान्यास का आयोजन किया जा रहा है।
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पानी की कमी से जूझ रहा था तीर्थआपको बता दें कि यह तीर्थ पानी की कमी से जूझ रहा था। दर्जनों बार बोरिंग कराने के बाद सफलता नहीं मिल रही थी। कमेटी ने जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज को इस समस्या से अवगत कराया और मुनिपुंगव सुधासागर महाराज ने क्षेत्र के विशेष जगह को चिह्नित कर वहां बोरिंग करने का आशीर्वाद दिया। गुरु आशीर्वाद से वहां इतना पानी निकला कि पानी की समस्या समाप्त हो गयी। इस तीर्थ क्षेत्र की महिमा बता कर जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज ने कहा कि इस तीर्थ में अतिशय है, जो इस क्षेत्र में अपने पुण्य का बीज बोओगा, उसके जीवन में खुशहाली की फसल लहराएगी।
यशोदय तीर्थ के अध्यक्ष राजा चौधरी ने कहा है कि जो दानदाता अपना योगदान देना चाहे, वह मोबाइल नम्बर 9415073646 में सम्पर्क कर सकता है। यशोदय तीर्थ में आयोजित श्री पंचकल्याणक महोत्सव एवं चौबीस समवशरण विधान 30 मार्च से 8 अप्रैल तक है, उसमें पधारकर धर्म लाभ लिया जा सकता है।



