सारांश

किशनगढ़ में हो रहे कार्यक्रम पर व्यापार मंडल के कार्यकारिणी सदस्य और किशनगढ़ के प्रबुद्ध लोगों में से एक श्री विमल बडजात्या जी ने, श्रीफल जैन न्यूज से विशेष चर्चा की। पढ़िए विस्तार से…

विमल बड़जात्या जी ने कहा कि किशनगढ़ में जैन समाज के लिए एक सुनहरा अवसर है। दो मंदिरों में पंचकल्याणक महोत्सव होना था । लेकिन जैन समाज के देश के बड़े संत वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में दो मंदिरों का एक साथ पंचकल्याण होना जैन समाज के लिए अनूठा अवसर बन गया ।

आचार्य वर्धमान सागर जी के बारे में विमल बड़जात्या ने कहा कि उनके बारे में क्या बोला जाए जो स्वयं वात्सल्य की प्रतिमू्र्ति हैं । जब भी उनका सानिध्य मिलता है वात्सल्य भाव इस तरह उनसे निःसृत होता है कि आप उनके सानिध्य से कभी दूर नहीं हो सकते ।