श्रमण संस्कृति के महामहिम, चर्या शिरोमणि पट्टाचार्य आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महामुनिराज का 26 जुलाई को दिल्ली में संसघ महामंगल प्रवेश होगा। 28 जुलाई को ऋषभ विहार में वर्षायोग मंगल कलश स्थापना समारोह आयोजित किया जाएगा। पढ़िए श्रीफल साथी राजेश जैन दद्दू की यह रिपोर्ट।
नई दिल्ली। भारत की राजधानी दिल्ली धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक उत्साह से सराबोर होने जा रही है। श्रमण संस्कृति के महामहिम, चर्या शिरोमणि पट्टाचार्य आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महामुनिराज का 26 जुलाई 2026 को संसघ भव्य मंगल प्रवेश होगा। इस वर्ष आचार्य श्री का वर्षायोग (चातुर्मास) दिल्ली के ऋषभ विहार में संपन्न होगा।28 जुलाई को होगा मंगल कलश स्थापना समारोह

वर्षायोग के अंतर्गत मंगलवार, 28 जुलाई की प्रातः ऋषभ विहार में शुभ वर्षायोग मंगल कलश स्थापना समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के उपस्थित रहने की संभावना है।

दिल्ली समाज ने दिया 'महा शंखनाद' का स्वरूप

धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि दिल्ली जैन समाज ने आचार्य श्री के शुभ आगमन को 'महा शंखनाद' की संज्ञा दी है। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया है कि यह अवसर आत्मा को गुरु चरणों से जोड़ने तथा अपने पुण्यों को जागृत करने का अनुपम अवसर है।

देशभर से पहुंचेंगे श्रद्धालु

चातुर्मास एवं मंगल कलश स्थापना समारोह में इंदौर, उज्जैन, भोपाल, सागर, अशोकनगर, ललितपुर, लखनऊ, टीकमगढ़, भिंड, जयपुर, भीलवाड़ा, कोटा सहित अनेक शहरों एवं राज्यों से बड़ी संख्या में गुरु भक्त दिल्ली पहुंचेंगे।

समाज में उत्साह का वातावरण

आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। दिल्ली में जगह-जगह स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं। समाजजनों का कहना है कि इस वर्ष का चातुर्मास राजधानी में धर्म, संस्कृति और अध्यात्म का नया इतिहास रचेगा।

जयकारा और संदेश

आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है।

जयकारा: चर्या शिरोमणि पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महामुनिराज की जय।

नारा: अखंड जैन समाज की एकता जिंदाबाद, नमोस्तु शासन जयवंत हो।