उदयपुर (राजस्थान)। पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्धसागर जी महाराज के पावन आशीर्वाद एवं श्रुतसंवेगी महाश्रमण श्री 108 आदित्यसागर जी महामुनिराज की प्रेरणा से जैन आइकॉन अवॉर्ड-2026 का तीन दिवसीय आयोजन 14, 15 एवं 16 अगस्त 2026 को उदयपुर में किया जाएगा। आयोजन को लेकर युवाओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

जिनशासन प्रभावना में योगदान को मिलेगा प्रोत्साहन

स्काय किंग आकाश जैन ने बताया कि जैन आइकॉन अवॉर्ड का मुख्य उद्देश्य जिनशासन की प्रभावना के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करना है। इसके माध्यम से समाज में सकारात्मक कार्य करने वाले युवाओं को मंच, सम्मान और आगे बढ़ने की प्रेरणा देने का प्रयास किया जा रहा है।

आदित्यसागर जी महाराज का विशेष सान्निध्य

तीन दिवसीय आयोजन में श्रुतसंवेगी महाश्रमण श्री 108 आदित्यसागर जी महाराज ससंघ का विशेष सान्निध्य प्राप्त होगा। संत सान्निध्य में आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा के साथ सामाजिक एवं व्यावसायिक विकास का अवसर भी बनेगा।

AI और डिजिटल युग पर विशेष मार्गदर्शन

कार्यक्रम में ऋषि जैन मार्गदर्शन करेंगे। उन्हें Digital Educator, AI Transformation Leader एवं Digital Scholar के क्षेत्र में कार्य करने वाले विशेषज्ञ के रूप में बताया गया है। उन्होंने 2 लाख से अधिक प्रोफेशनल्स, स्टूडेंट्स एवं Entrepreneurs को प्रशिक्षित किया है तथा 10 से अधिक देशों में AI Education और Digital Transformation के क्षेत्र में कार्य किया है।

सोशल मीडिया और पर्सनल ब्रांडिंग पर सीख

आयोजन में AI के नए दौर में स्वयं को आगे बढ़ाने, Social Media Growth, Personal Branding तथा बदलती तकनीकी दुनिया के साथ नेतृत्व करने जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। कार्यक्रम में AI, Branding, Funnels और Growth से जुड़े विभिन्न विषयों को भी युवाओं के सामने रखा जाएगा।

नमन पचौरी होंगे अतिथि

कार्यक्रम के अतिथि राजस्थान के युवा उद्योगपति श्री नमन पचौरी होंगे। आयोजकों के अनुसार वे भारतीय उद्योग जगत में तेजी से आगे बढ़ रहे युवा उद्यमी हैं। उनकी उपस्थिति से कार्यक्रम में युवाओं को उद्योग एवं व्यवसाय के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।

ज्ञान, प्रेरणा और Innovation का मंच

जैन आइकॉन अवॉर्ड-2026 को युवाओं के लिए ज्ञान, प्रेरणा, Innovation और जिनशासन प्रभावना का विशेष मंच बनाने की तैयारी है। आयोजकों का मानना है कि आध्यात्मिक मूल्यों के साथ आधुनिक तकनीक और उद्यमिता का समन्वय युवाओं को नई दिशा दे सकता है।

तीन दिवसीय आयोजन से युवाओं को मिलेगा अवसर

14 से 16 अगस्त तक आयोजित होने वाला यह आयोजन जैन समाज के युवाओं को अपनी प्रतिभा, कार्यक्षमता और सामाजिक योगदान को सामने रखने का अवसर देगा। संत सान्निध्य, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और युवा उद्योग जगत की सहभागिता इसे विशेष बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।