इंदौर। नेमी नगर जैन कॉलोनी स्थित घूंघट गार्डन में सन्मति समवशरण पांडाल में इन दिनों भक्ति, आराधना का माहौल है। धर्मसभा में आचार्यश्री सुनीलसागर जी महाराज के प्रवचन चल रहे हैं। शनिवार को धर्मसभा में आचार्यश्री ने कहा कि जीवन में वास्तविक ऊंचाइयां छल-कपट और धोखे से नहीं, बल्कि अपने गुणों, अच्छाइयों और निर्मल स्वभाव से प्राप्त होती हैं। व्यक्ति को दूसरों को पीछे खींचने या धोखा देकर आगे बढ़ने के बजाय स्वयं के भीतर सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए। अपने व्यक्तित्व को स्वर्ण के समान गुणों से समृद्ध बनाइए, ताकि आपकी अच्छाइयाँ ही आपकी पहचान बनें।
धोखा देकर प्राप्त उपलब्धि टिकाऊ नहीं
व्यक्ति का निर्मल स्वभाव, उदारता, धैर्य और गंभीरता इस स्तर की होनी चाहिए कि उसे जीवन में ऊंचाइयां प्राप्त करने के लिए किसी अनुचित मार्ग का सहारा न लेना पड़े। जब व्यक्ति अपने आचरण और गुणों को श्रेष्ठ बनाता है, तब सफलता और सम्मान स्वतः उसके जीवन का हिस्सा बनने लगते हैं। धोखा देकर प्राप्त की गई उपलब्धियां अधिक समय तक टिक नहीं पातीं, जबकि सद्गुणों और ईमानदारी से अर्जित प्रतिष्ठा लंबे समय तक बनी रहती है।
स्वयं को बेहतर बनाने पर ध्यान दें
अतः जीवन में आगे बढ़ने की चाह रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति को दूसरों को गिराने के बजाय स्वयं को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि वास्तविक ऊंचाई पद से नहीं, बल्कि व्यक्तित्व के गुणों और आचरण की श्रेष्ठता से निर्धारित होती है।




