उसने मछली पालन और पर्यटन के नाम पर क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को खोल दिया है। इससे क्षेत्र की पवित्रता नष्ट हो रही है। संगठन का कहना है कि पहले शिखर जी और अब गोलाकोट क्षेत्र को पर्यटन स्थल बनाकर अपवित्र करने का प्रयास सहन नहीं किया जाएगा।
तीर्थस्थल में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने से रोष

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