शब्द शास्त्र में स्त्री शब्द के कई पर्यायवाची शब्द हैं, जिससे स्त्री का महत्त्व प्रतिपादित होता है। पढ़िए यह विशेष आलेख...
1. उभयकुल वर्ध्दिनी : पुत्र तो मात्र एक ही कुल को गौरवान्वित करता है, जबकि स्त्री अपने आचरण, व्यवहार से माता-पिता को तो सम्मान दिलाती ही है, किंतु अपनी समन्वय शीलता, धैर्य एवं शील के संतुलन से ससुराल को भी मंदिर बना देती है।2. दुहिता: दो कुलों के हितों का निमित्त होने के कारण दुहिता सार्थक संज्ञा है।3. महिला : मही यानि दही को मथने पर शेष बचा पदार्थ, जिसे निर्विकृति कहा जाता है। अपने पर्याय के अभिमान से चूर पथभ्रष्ट पुरुष को महिला कभी मां, कभी बहन, कभी पत्नी, कभी मित्र बनकर राह पर लाती है।4. अबला : बला का अर्थ होता है परेशानी। अबला शब्द कहता है कि बला हो ही नहीं सकती। जो अपनी कला से परिवार को आंतरिक सुरक्षा का अहसास कराती है। पुरुष को मां और बहिन के रूप में वरद हस्त देकर उसकी बला को निर्बल बना देती है वह अबला है।5. नारी : अरि का अर्थ होता है शत्रु और उसके आगे लगा है ना, अर्थात यह शब्द ही कह रहा है, जो किसी भी रूप में शत्रु नहीं हो सकती वह नारी है। प्रत्येक रूप में वह रक्षक है, मित्र है। कहते हैं-पुत्र कुपुत्र हो सकता है, किंतु माता कुमाता नहीं होती।यह आलेख भी पढ़े ।
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अपसंस्कृति का पहला निशाना बनी महिला



