मुनिश्री श्रुतेश सागरजी महाराज और मुनिश्री सुश्रुत सागरजी महाराज आहारचर्या के बाद सामयिक के लिए तेज धूप में प्रतिमायोग लेकर बैठ गए। उनकी कठिन चर्या देखकर सभी श्रद्धान्वत हो गए। इंदौर से पढ़िए, हरिहरसिंह चौहान की यह खबर...
इंदौर। मुनिश्री श्रुतेश सागरजी महाराज और मुनिश्री सुश्रुत सागरजी महाराज आहारचर्या के बाद सामयिक के लिए तेज धूप में प्रतिमायोग लेकर बैठ गए। उनकी कठिन चर्या देखकर सभी श्रद्धान्वत हो गए। आचार्य श्री सुनीलसागर जी महाराज के शिष्य मुनिश्री श्रुतेश सागर जी अपनी धर्म साधना के पथ पर अग्रसर होकर आहारचर्या के लिए मोदी जी की नसिया से निकले। विधि नहीं मिलने के कारण तेज धूप में मोदी जी की नसिया से बीसपंथी पहुंचे। यहां से बीसपंथी से रामचंद्र नगर पहुंचे। यहां से वापस बीसपंथी मंदिर आए। यहां से फिर नसियाजी पहुंचे पर आकड़ी नहीं मिली तो छत्रपति नगर की तरफ निकल गए और छत्रपति नगर में आकड़ी मिलने पर आहार चर्या हुई।

आहार के बाद तेज धूप में ’सामायिक के लिए प्रतिमायोग लेकर बैठ गए। इधर, मुनि श्री सुश्रुत सागर जी महाराज आहारचर्या के लिए मोदी जी की नसिया से निकले, विधि नहीं मिलने के कारण मोदी जी की नसिया से बीसपंथी पहुंचे। यहां से नसियाजी और नसियाजी से रामचंद्रनगर पहुंचे। वहां आदिनाथ बाग़ में आकडी मिलने पर आहारचर्या हुई। वे भी आहार के बाद तेज धूप में सामायिक के लिए प्रतिमायोग लेकर बैठ गए।