आर्यिका संघ का मंगल विहार पावागिरी में भव्य मंगल प्रवेश : आर्यिका संघ के सानिध्य में

आर्यिका श्री सृष्टिभूषण माताजी, आर्यिका श्री विश्वयश मती माताजी, आर्यिका श्री विमलमति माताजी का मंगल विहार नेमावर, सिद्धवरकूट के दर्शन अर्चना के बाद सिद्धक्षेत्र पावागिरी ऊन (खरगोन) में मंगल प्रवेश रविवार को हुआ। यहां दर्शन, वंदना, अर्चना की गई। ऊन खरगोन से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर...
ऊन (खरगोन)। आर्यिका श्री सृष्टिभूषण माताजी, आर्यिका श्री विश्वयश मती माताजी, आर्यिका श्री विमलमति माताजी का मंगल विहार नेमावर, सिद्धवरकूट के दर्शन अर्चना के बाद सिद्धक्षेत्र पावागिरी ऊन (खरगोन) में मंगल प्रवेश रविवार को हुआ। यहां दर्शन, वंदना, अर्चना की गई। रविवार को भूगर्भ से स्वप्न से प्रकट श्री महावीर स्वामी के दर्शन किए। आहार के बाद दोपहर को पंच पहाड़ी के वर्ष 1940 में निर्मित जिनालय में खड्गासन त्रिमूर्ति 12.5 फीट के श्री शांतिनाथ, 8 फीट के श्री कुंथूनाथ, श्री अरहनाथ श्रीजी, सहस्त्र कूट के 1008 प्रतिमाओं के दर्शन किए। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी द्वारा वर्ष 2016 में प्रतिष्ठित श्री महावीर स्वामी और निर्वाण प्राप्त चार सिद्ध भगवान श्री स्वर्णभद्र, श्रीमणिभद्र, श्री नीलभद्र, श्री गुणभद्र के दर्शन किए। रात्रि में श्री जी आरती, गुरुभक्ति कर 48 दीपों से भक्तामर दीप अर्चना आर्यिका संघ के सानिध्य में हुआ। सोमवार को आहार चर्या के बाद एक दिवसीय सिद्धचक्र विधान हुआ। 2040 अर्ध्य का मंत्रोच्चार आर्यिका श्री सृष्टिभूषण माताजी और आर्यिका श्री विश्वयशमति माताजी ने किया।
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