कुचामन सिटी में आयोजित नौ दिवसीय श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के पंचम दिवस श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ विविध धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न हुए। बृहद् पंच परमेष्ठी के 251 अर्घ्य समर्पित कर विश्व शांति एवं सर्वजन मंगल की मंगलकामना की गई। पढ़िए श्रीफल साथी सुभाष पहाड़िया की यह रिपोर्ट।
कुचामन सिटी। श्री 1008 भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, डीडवाना रोड में विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं अमन-चैन की मंगलकामना से आयोजित नौ दिवसीय श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के पंचम दिवस विविध धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सम्पन्न हुए।कलशाभिषेक एवं शांतिधारा का सौभाग्य

प्रातःकाल भव्य कलशाभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन किया गया। कलशाभिषेक एवं शांतिधारा करने का सौभाग्य श्रावक श्रेष्ठी सुरेश कुमार–संदीप कुमार पांड्या परिवार तथा माणकचंद–राकेश कुमार–भव्य कुमार काला परिवार (सबलपुरा) को प्राप्त हुआ। सभी ने श्रद्धापूर्वक शांतिधारा कर धर्मलाभ अर्जित किया।

श्रद्धालुओं ने किया पूजन एवं पुण्यार्जन

लालचंद पहाड़िया एवं तेजकुमार बड़जात्या ने बताया कि अष्टान्हिका पर्व वर्ष में तीन बार आता है और इन अवसरों पर नंदीश्वर द्वीप विधान तथा सिद्धचक्र विधान का विशेष महत्व माना जाता है। विधान पूजन में चिरजीलाल, अमित, मनोज, अशोक, भव्य पाटोदी, भवरलाल झाझरी, विमल कुमार पाटोदी, महेंद्र, विकास, नीरज पहाड़िया, मनीष गंगवाल, संतोष, विकास काला सहित अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने श्रद्धापूर्वक पूजन कर पुण्यार्जन किया। शांतिधारा का वाचन श्रीमती ममता पांड्या ने किया।

बृहद् पंच परमेष्ठी के 251 अर्घ्य समर्पित

सुरेश पांड्या एवं माणकचंद काला ने बताया कि कलशाभिषेक के पश्चात नवदेवता पूजन, पंचमेरु पूजन, मुनीश्वरनाथ भगवान पूजन, मूलनायक भगवान महावीर स्वामी की पूजा एवं सिद्धचक्र पूजन सम्पन्न हुआ। इसके उपरांत आयोजित विधान में बृहद् पंच परमेष्ठी के 251 अर्घ्य विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं सर्वजन मंगल की भावना के साथ समर्पित किए गए।

महाआरती में उमड़ा श्रद्धा का सागर

सायंकाल सिद्धचक्र विधान की भव्य महाआरती सम्पन्न हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित किया तथा विश्व कल्याण, शांति और सद्भाव की मंगलकामना की।