आगरा के छीपीटोला स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैसवाल जैन पंचायती मंदिर में श्रुत पंचमी महापर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। आचार्य श्री निर्भयसागर जी महाराज के सानिध्य में माँ जिनवाणी की भव्य पालकी यात्रा निकाली गई तथा धर्मसभा में जिनवाणी के महत्व पर प्रेरणादायी प्रवचन हुए। पढ़िए शुभम जैन की यह रिपोर्ट
आगरा। जैन धर्म के ज्ञान, स्वाध्याय और शास्त्र आराधना के महापर्व श्रुत पंचमी के अवसर पर श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैसवाल जैन पंचायती मंदिर, छीपीटोला में वैज्ञानिक संत आचार्य श्री निर्भयसागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में श्रुत पंचमी महोत्सव श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। पूरे दिन मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।माँ जिनवाणी की निकली भव्य पालकी यात्रा
महोत्सव के अंतर्गत प्रातःकाल माँ जिनवाणी को सुसज्जित पालकी में विराजमान कर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पालकी यात्रा जैन भवन से प्रारंभ होकर छीपीटोला बाजार, कीर्ति स्तंभ, पल्ला मार्केट, अरिहंत मार्केट तथा टंकी चौराहा स्थित जैन मंदिर होते हुए पुनः बड़े मंदिर जी पहुंची।
यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं शामिल हुए और माँ जिनवाणी के जयघोषों से वातावरण को धर्ममय बना दिया। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पालकी यात्रा का स्वागत कर अपनी आस्था व्यक्त की।
अभिषेक एवं शांतिधारा का हुआ आयोजनपालकी यात्रा के उपरांत मंदिर परिसर में भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा सम्पन्न हुई। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से पूजन-अर्चन कर जिनवाणी माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की तथा ज्ञान आराधना का संकल्प लिया।
धर्मसभा में मिला जिनवाणी का संदेशजैन भवन के प्रथम तल पर आयोजित धर्मसभा में आचार्य श्री निर्भयसागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में प्रवचन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। आचार्य श्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिनवाणी आत्मकल्याण का सच्चा मार्ग दिखाती है। स्वाध्याय और शास्त्र अध्ययन के माध्यम से ही मनुष्य अपने जीवन को सार्थक बना सकता है।
उन्होंने कहा कि श्रुत पंचमी केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि ज्ञान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और जिनवाणी को जीवन में उतारने का अवसर है।
पाठशाला के बच्चों ने लिया आशीर्वादइस अवसर पर छीपीटोला पाठशाला के बच्चों ने आचार्य श्री के चरणों का प्रक्षालन किया तथा शास्त्र भेंट कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। बच्चों की श्रद्धा और उत्साह ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा।
धर्ममय वातावरण में सम्पन्न हुआ महोत्सवश्रुत पंचमी महापर्व के अवसर पर मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्ति, स्वाध्याय और जिनवाणी आराधना का वातावरण बना रहा। बड़ी संख्या में उपस्थित समाजजनों ने धर्मलाभ प्राप्त करते हुए जिनवाणी के अध्ययन एवं संरक्षण का संकल्प लिया। आयोजन श्रद्धा, भक्ति और गरिमापूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।




