अंबाह के महावीर जिनालय मंदिर चुंगीनाका में श्री पार्श्वनाथ विधान का भव्य आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। विधान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।
अंबाह। महावीर जिनालय मंदिर चुंगीनाका अंबाह में श्री पार्श्वनाथ विधान का भव्य आयोजन श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। यह विधान आनंद कुमार जैन एवं सीमा जैन, नवरंगपुर (उड़ीसा) परिवार की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की आराधना कर पुण्य लाभ अर्जित किया।विधान का आध्यात्मिक महत्व
विधानकर्ता पंडित अनुभव प्रकाश शास्त्री, ग्वालियर ने विधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जैन धर्म में श्री पार्श्वनाथ विधान भगवान पार्श्वनाथ के प्रति भक्ति प्रकट करने, जीवन के कष्टों और संकटों को दूर करने तथा आध्यात्मिक शांति प्राप्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
सर्व उपद्रव निवारक माने जाते हैं भगवान पार्श्वनाथउन्होंने बताया कि भगवान पार्श्वनाथ को 'सर्व उपद्रव निवारक' और 'विघ्नहर्ता' के रूप में श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाता है। विधान में पूजा, मंत्र जाप और अर्घ्य समर्पण के माध्यम से श्रद्धालु अपने पाप कर्मों का क्षय कर आत्मशुद्धि का प्रयास करते हैं।
धैर्य और समता का संदेशमंदिर के महामंत्री मुरारी लाल जैन वरेह ने बताया कि भगवान पार्श्वनाथ का जीवन विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, समता और शांति बनाए रखने की प्रेरणा देता है। उनके जीवन आदर्शों का अनुसरण कर व्यक्ति आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
मोक्ष मार्ग की ओर प्रेरित करता है विधाननगरपालिका अध्यक्ष अंजलि जिनेश जैन ने बताया कि मान्यताओं के अनुसार भगवान पार्श्वनाथ ने अपने जीवन में अनेक उपसर्गों को समभाव से सहन किया। यह विधान श्रद्धालुओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर धर्ममार्ग और मोक्षमार्ग की ओर अग्रसर होने का अवसर प्रदान करता है।
भंडारे का हुआ आयोजनबंटी जैन ने जानकारी दी कि विधान के उपरांत सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर आयोजन की सफलता के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।
भक्ति और श्रद्धा का वातावरणपूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ के जयघोष के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर धर्म, आस्था और आध्यात्मिक चेतना का संदेश प्राप्त किया।



