शांतमतिमाताजी का हुआ संल्लेखना पूर्वक समाधिमरणपंढरपुर। गुरु मां गणिनी आर्यिका श्री 105 शांतमतिमाताजी का सोमवार पांच बजकर पांच मिनट पर संल्लेखना पूर्वक समाधिमरण हो गया है। यह समाधिमरण आचार्यरत्न जिनसेन मुनि महाराज एवं आर्यिका 105 जिनसेन माताजी के सानिध्य में हुआ। गौरतलब है कि जिस दिन से साधु दीक्षा लेता है, उसी दिन पर वह मोक्ष मार्ग पर अग्रसर हो जाता है। उसका लक्ष्य शरीर, कषाय और इंद्रियों को कृश करते हुए समाधिमरण करना होता है।
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