सनावद। सौभाग्य दशमी पर महिलाओं ने रखा उपवास श्रावण शुक्ल दशमी के पावन अवसर पर सनावद स्थित श्री पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर जी में समाज की महिलाओं ने श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ सौभाग्य दशमी का उपवास रखा। महिलाओं ने पति की लंबी आयु, परिवार के कल्याण और सुख-समृद्धि की मंगलकामना के साथ पर्व मनाया।

सौभाग्य दशमी व्रत का महत्व

समाज प्रवक्ता सन्मति जैन काका ने बताया कि जैन धर्म में सौभाग्य दशमी, जिसे अक्षय दशमी भी कहा जाता है, महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा पति एवं बच्चों के कल्याण, संतान प्राप्ति और पति की दीर्घायु की भावना से किया जाता है। इसे अंतराय कर्मों के निवारण की भावना से भी जोड़ा जाता है।

मंदिर में हुई सामूहिक पूजन

पर्व के अवसर पर प्रातःकाल से ही श्री पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में महिलाओं की धार्मिक गतिविधियां शुरू हो गईं। श्रद्धालु महिलाओं ने भक्तिभाव से भगवान की पूजा-अर्चना की।

इस दौरान सम्मेद शिखर पूजन, समुच्चय पूजन, शीतलनाथ भगवान पूजन, पार्श्वनाथ भगवान पूजन एवं अक्षय निधि व्रत की पूजन सामूहिक रूप से संपन्न की गई।

बड़ी संख्या में महिलाओं ने लिया व्रत

सौभाग्य दशमी के अवसर पर अंजली काला, शिवानी जैन, वर्षा जैन, श्रुति सराफ, प्रेरणा जटाले, तृप्ति जैन, ऋतु जैन, निकिता जैन, खुशबू जैन, प्रगति जैन, प्रिया जैन, अंशिता जैन, मोनिका जैन, प्रियंका जैन, प्रीति जैन, मिनल जैन, प्रज्ञा धनोते, जीनी जैन, अंशुमा, गरिमा जैन सहित अनेक महिलाओं ने उपवास रखा।

श्रद्धा और उल्लास से मनाया पर्व

महिलाओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागी होकर सौभाग्य दशमी पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय वातावरण बना रहा।