अंबाह। जैन बगीची में आर्यिका रत्न 105 श्री संगममती माताजी के सानिध्य में चल रही 35 दिवसीय णमोकार महामंत्र आराधना के तहत श्री महावीर सेवा मंडल की ओर से भव्य आरती का आयोजन किया गया। आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। धार्मिक गीतों और भजनों की धुन पर युवाओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
जयकारों और भजनों से गूंजा परिसर
आरती के दौरान जैन बगीची परिसर भगवान के जयकारों एवं भजनों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने उत्साह और भक्तिभाव के साथ आरती में सहभागिता की। श्री महावीर सेवा मंडल के सदस्यों ने आयोजन की व्यवस्थाएं संभालीं।
भजनों पर युवाओं का मनमोहक नृत्य
युवाओं ने सामूहिक रूप से धार्मिक भजनों पर नृत्य कर अपनी भक्ति एवं उत्साह व्यक्त किया। उनके नृत्य के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया। भक्ति संगीत और जयकारों के बीच पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
हनुमान मंदिर के सामने सर्वधर्म समभाव
आयोजन के दौरान जयेश्वर रोड स्थित श्री मंशापूर्ण हनुमान मंदिर के सामने युवाओं ने सर्वधर्म समभाव की अनूठी मिसाल पेश की। ‘जय जय बजरंगबली’ भजन पर युवाओं ने भगवान बजरंगबली का स्मरण करते हुए श्रद्धा के साथ नृत्य किया।
जैन समाज के धार्मिक आयोजन के बीच हनुमानजी के प्रति श्रद्धा का यह दृश्य सामाजिक सद्भाव, आपसी सम्मान और धार्मिक समन्वय का संदेश देता नजर आया।
भक्ति के साथ सामाजिक एकता का संदेश
युवाओं के नृत्य के दौरान श्रद्धालुओं ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया। भजनों और जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता, भाईचारे और सर्वधर्म समभाव की भावना भी दिखाई दी।
35 दिवसीय आराधना में निरंतर धार्मिक आयोजन
35 दिवसीय णमोकार महामंत्र आराधना के चलते जैन बगीची में लगातार धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर आराधना में सहभागी बन रहे हैं। संगममती माताजी के सानिध्य में चल रही धर्म आराधना से श्रद्धालुओं में आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता का संदेश पहुंच रहा है।


