राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से फोन पर बात की है । बुधवार देर रात हुई इस बातचीत का ब्यौरा मुख्यमंत्री गहलोत ने ट्वीटर पर जारी किया है ।

गहलोत ने लिखा - " झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से फोन पर तीर्थ श्री सम्मेद शिखर जी को लेकर जैन समाज की मांग के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने यकीन दिलाया है कि वो भी चाहते हैं कि इस मुद्दे का जल्द से जल्द सकारात्मक हल निकाला जाए । "

उधर, गुरुवार की सुबह राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी केन्द्रीय पर्यटन मंत्री को पत्र लिखकर सम्मेद शिखर को पर्यटक केन्द्र की सूची से हटाने की मांग की है । पायलट ने लिखा है कि यह स्थान जैन समुदाय की आस्था का केन्द्र है । इसे तीर्थ के रूप में ही पहचान मिलनी चाहिए ।

पढ़िए क्या लिखा सचिन पायलट ने -

"केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से हाल ही में जैन समुदाय के पवित्र तीर्थ स्थल श्री सम्मेद शिखरजी को लेकर पर्यटन स्थल घोषित किए जाने से जैन समुदाय में व्याप्त भारी आक्रोश की ओर आकर्षित करना चाहता हूं . श्री सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने से जैन समुदाय में व्याप्त भारी आक्रोश की ओर ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं ।

श्री सम्मेद शिखरजी पारसनाथ जैन समुदाय की आस्था का प्रमुख केन्द्र है । पर्यटन मंत्रालय द्वारा श्री सम्मेद शिखर जी को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने से जैन समुदाय की आस्था को गहरा आघात लगा है । जैन धर्मावलंबियों में इस धार्मिक,भावनात्मक और संवेदनशील मुद्दे पर केन्द्र सरकार के रवैये के खिलाफ असंतोष व्याप्त है तथा देश के विभिन्न हिस्सों में जैन समुदाय केन्द्र सरकार के इस निर्णय के विरोध में आंदोलनरत है ।

अत : मेरा आपसे अनुरोध है कि जनभावना को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा श्री सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के निर्णय पर पुन : विचार करने का कष्ट करें ।" - सचिन पायलट

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