
रेवाड़ी जैन समाज ने भारी संख्या में उपस्थित होकर मोक्षमार्गी के संयम की अनुमोदना की। पंचम पट्टाचार्य, त्रिलोक तीर्थ प्रणेता, परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्याभूषण सन्मति सागर जी महाराज से आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत ग्रहण कर ब्र. नेहा दीदी पिछले काफी समय से गणिनी आर्यिका श्री 105 सृष्टि भूषण माताजी के संघ में रहकर साधनारत हैं। आगामी विजयदशमी के अवसर पर 5 अक्टूबर को अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी (राजस्थान) में आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज के कर-कमलों द्वारा जैनेश्वरी दीक्षा ग्रहण कर मोक्षमार्ग पर आगे बढ़ेंगी।






