पीठ। नगर गौरव जयश्री दीदी 11 अक्टूबर को इंदौर में आचार्य श्री सुनीलसागर जी महाराज के करकमलों से आर्यिका दीक्षा ग्रहण करेंगी। पीठ गांव के इतिहास में यह प्रथम आर्यिका दीक्षा होगी।
जैन समाज अध्यक्ष राजकुमार डेचिया ने बताया कि समाज की गौरवशाली बहन जयश्री दीदी, स्वर्गीय भगवतीलाल बसंतलाल कोठारी की धर्मपत्नी हैं। उनकी दीक्षा को लेकर समाज में हर्ष और श्रद्धा का वातावरण है।
बचपन से धर्म-संस्कारों की मिली प्रेरणा
जयश्री दीदी का जन्म 1 जुलाई 1961 को भीलूड़ा निवासी एवं वर्तमान में अलीबाग, मुंबई प्रवासी कमला देवी और लक्ष्मीचंद जी के परिवार में हुआ। उनके भाई खेमराज तथा बहनें निर्मला देवी और भारती देवी अपने-अपने परिवारों के साथ अलीबाग, मुंबई में निवासरत हैं।
वर्ष 1975 में उनका विवाह पीठ निवासी भगवतीलाल जी कोठारी, सुपुत्र बसंतलाल जी कोठारी, के साथ हुआ। गृहस्थ जीवन में भी उनका मन धर्म, सेवा और साधु-साध्वियों की वैयावृत्ति में निरंतर लगा रहा। नगर में साधु-साध्वियों के आगमन पर वे सेवा के लिए सदैव तत्पर रहती थीं।
सात प्रतिमाधारी व्रतों से सुदृढ़ हुई साधना
पति भगवतीलाल जी कोठारी के कोरोना काल में निधन के बाद जयश्री दीदी धर्मसाधना के प्रति और अधिक समर्पित हो गईं। उन्होंने सात प्रतिमाधारी का पद ग्रहण कर संयम, आराधना और धर्मप्रभावना के मार्ग को आगे बढ़ाया।
उनके परिवार में पुत्र शीतल कोठारी, संदीप कोठारी तथा पुत्रियां पायल और आरती हैं। सभी विवाहित हैं और परिवार के सदस्य अलीबाग, मुंबई में निवास एवं व्यवसाय से जुड़े हैं।
पीठ जैन समाज ने जयश्री दीदी के भावी आर्यिका दीक्षा ग्रहण को पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायी अवसर बताया है। समाजजन उनकी संयम यात्रा के लिए मंगलकामना कर रहे हैं।
श्रीफल साथी : राजकुमार डेचिया, पीठ




