पंडित श्री रतनलाल जी की संल्लेखना संतोष एवं दृढ़ता पूर्वक चल रही है। सोमवार को उन्होंने आचार्य श्री समयसागरजी महाराज से जल के त्याग की भी भावना भायी। आचार्यश्री ने उनका नाम अब आत्मानंदी दिया है। इंदौर से पढ़िए प्रीतम लखवाल की यह खबर...
इंदौर। पंडित श्री रतनलाल जी की संल्लेखना संतोष एवं दृढ़ता पूर्वक चल रही है। उनके परिणामों में विशुद्धि बढ़ती जा रही है। सोमवार को उन्होंने आचार्य श्री समयसागरजी महाराज से जल के त्याग की भी भावना भायी। आचार्य श्री ने पंडित जी की भावना, परिणामों और उत्साहपूर्वक दृढ़ता को लक्ष्य करते हुए उनका नाम अब आत्मानंदी दिया है। अब उन्हें पंडितजी नहीं आत्मानंदी नाम से संबोधन किया जाएगा। इंदौर ही नहीं सकल जैन समाज अब उन्हें आचार्यश्री द्वारा प्रदत्त नाम से पहचाना जाएगा।





