चंदेरी नगर के खंदागिरी को अयोध्या नगरी के रूप में सजाया गया है जहां श्री मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा किया जा रहा है । विस्तार से पढ़िए हमारे सहयोगी राजीव सिंघई की रिपोर्ट
चंदेरी नगर में खंदागिरी पंचकल्याणक, जिन परंपराओं के अनुरुप पूरी आस्था और श्रद्धा से शुरु हुआ । जिसमें शहर के विभिन्न स्थानों से निकाली गई । आस्था के इस महापर्व को मनाते हुए पूरा शहर भक्तिमय हो गया ।
पंचकल्याणक महोत्सव में निकाली गई घट यात्राचंदेरी शहर के श्री चौबीसी जैन मंदिर से प्रारंभ होकर सदर बाजार, दिल्ली दरवाजा, पखन दरवाजा, जागेश्वरी मोहल्ला , नृसिंह मंदिर चौक, पुरानी कचहरी होते हुए श्री अयोध्या नगरी खंदारगिरी जी पहुंची घटयात्रा में प्रथम स्थान पर डी. जे. उसके उपरांत, ध्वज दंड, अश्व वाहक ध्वज धारी पात्र ईशान इंद्र, सानत कुमार इंद्र, माहेंद्र, राजा श्रेयांश, राजा सोम, भरत चक्रवर्ती, बाहुबली, यज्ञ नायक, यज्ञ नायक, यज्ञ नायक, यज्ञ नायक इसके उपरांत रथ (बग्गी) पर महापात्र परिवार सौधर्म इंद्र,कुबेर, महायज्ञ नायक, माता पिता, हाथी विधि नायक प्रदाता चल रहे थे ।
महिलाओं से उल्लास के साथ धार्मिक आयोजन में भाग लियाकार्यक्रम में दिव्य घोष टीकमगढ के साथ ही 81 कलश महिलाएं अपनी वेशभूषा में सिर पर रखकर चल रही थी । फिर श्री खंदार सेवादल का दिव्य घोष जय हो करते हुए चल रहा था इसके उपरांत निर्यापक मुनि श्री अभय सागर के साथ मुनी श्री प्रभात सागर एवं निरीह सागर महाराज चल रहे थे चल समारोह में मुनि श्री के उपरांत, श्री जी की पालकी, सामान्य इंद्र के साथ ही अंत में पुरुष वर्ग एवं महिला श्वेत एवं पीले वस्त्रों में घट यात्रा की शोभा बढ़ा रही थी नगर को दुल्हन की तरह सजाया गया जगह-जगह मुनि श्री के पाद प्रक्षालन किए गए एवं श्री जी की आरती की गई इसके साथ ही जगह-जगह नगर की गलियों को रंगोलियां से सजाया गया जो सभी का मन मोह रही थी। कार्यक्रम के दौरान सभी ने अपने अपने प्रतिष्ठान पूर्ण रूप से बंद रखें।
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कार्यक्रम में आएं तो मन में कोई दूसरा विकल्प न हो - मुनि श्री प्रभात सागर जी महाराजअयोध्या नगरी पहुंचने के बाद प्रतिष्ठा आचार्य विनय भैया जी द्वारा पांडाल एवं विधियों की शुद्धि कराई जिसके उपरांत श्री जी का अभिषेक शांतिधारा पूजन की गई इसके साथ ही मुनि श्री प्रभात सागर जी महाराज ने अपना उद्बोधन दिया और उपस्थित सभी जनों से आग्रह किया कि कार्यक्रम में जब आप आते हैं तो कोई भी विकल्प लेकर नहीं आना चाहिए यदि आप विकल्प के साथ कार्यक्रम में आएंगे तो आपका मन कार्यक्रम में ना लगते हुए अन्य चीजों में लगेगा। इसके साथ ही कार्यक्रम स्थल पर शुद्धि का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए । अन्यथा, कोई भी घटना-दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है ।



