तेलंगाना प्रांत के जफरगढ़ में जैन ग्लोरी फाउंडेशन की ओर से ऑनलाइन सहभागिता हुई। यहां भगवान महावीर का जन्मोत्सव स्थानीय लोगों और गांव के सरपंच ने मनाया। यहां कई कार्यक्रम और प्रचार-प्रसार किया गया। हैदराबाद से पढ़िए मनीष जैन मलयकेतु की यह खबर...
हैदराबाद (जफरगढ़)। तेलंगाना प्रांत के जफरगढ़ कस्बे में, जहां आसपास के 100 किमी क्षेत्र में कोई भी जैन नहीं है। वहां गुरुवार को तीर्थंकर महावीर स्वामी का 2624 वां जन्म कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। जफरगढ़ वो कस्बा है जहां से दो प्राचीन जैन प्रतिमाएं कुछ वर्षों पूर्व प्राप्त हुई थी एवं जिन्हंे जैन ग्लोरी फाउंडेशन द्वारा स्थानीय सहयोग से जफरगढ़ के किले में पंचायत प्रदत्त भूमि पर प्लेटफार्म बनाकर उचित स्थान पर स्थापित किया गया था। तीर्थंकर महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक महोत्सव के शुभ अवसर पर जैन ग्लोरी फाउंडेशन की ओर से वहां के सरपंच वेंकट नरसिंहाराव एवं अन्य सहयोगियों द्वारा कई आयोजन किए गए। इनमंे तीर्थंकर जन्म उत्सव की जानकारी के लिए बैनर, पोस्टर लगाना, प्राप्त और स्थापित दोनों प्राचीन जैन प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना, कस्बे में फल एवं मिठाई वितरण, अनाथालय के बच्चों को नाश्ता, पाठ्य सामग्री वितरण एवं डीजे पर कस्बे में घूम-घूम कर जैन भजनों का ऑडियो प्रसारण करना प्रमुख रहा।बच्चों को रजिस्टर वितरण किए 

इस बार की एक ओर विशेषता रही कि जफरगढ़ एवं आसपास के ग्रामों के विद्यार्थियों को रजिस्टर भी वितरित किए गए। जिनके अग्र एवं पश्च के बाहरी एवं भीतरी दोनों भागों पर जफरगढ़ के जैन इतिहास एवं तीर्थंकर महावीर स्वामी से संबंधित तथ्यों की सचित्र जानकारी दी हुई थी। जिससे विद्यार्थी स्थानीय जैन इतिहास के साथ-साथ जैन धर्म एवं उससे जुड़ाव को भी समझ सके।

जैन धर्म की शिक्षाओं के बारे में बताया 

इस अवसर पर जैन ग्लोरी फाउंडेशन के निदेशक एवं सदस्यगण ऑनलाइन उपस्थित रहे। सभी को जैन धर्म की प्राचीनता एवं जफरगढ़ के जैन इतिहास के बारे में बताया गया। जफरगढ़ कस्बे में विभिन्न स्थलों पर सरपंचएवं सहयोगियों ने ही जैन ग्लोरी फाउंडेशन की तरफ से कार्यक्रम संपन्न किए। साथ ही जिज्ञासुओं को तेलुगु एवं अंग्रेजी भाषा में सभी को जैन धर्म और शिक्षाओं के बारे में अवगत भी कराया।