यह परंपरा 103 वर्षों से सर सेठ हुकमचंद चंद जी द्वारा स्थापित की गई थी। इस अवसर पर विमल पहाड़िया, अशोक जैन, विजय कासलीवाल, प्रकाश जैन, राजकुमार जैन, रीषभ जैन, योगेन्द्र बड़जात्या, देवेंद्र पाटोदी, कमलेश कासलीवाल, अमित कासलीवाल, और नकुल पाटोदी उपस्थित थे।103 वर्षों की परंपरा : ऐतिहासिक कांच मंदिर पर निर्वाण लड्डू चढ़ाए गए

यह परंपरा 103 वर्षों से सर सेठ हुकमचंद चंद जी द्वारा स्थापित की गई थी। इस अवसर पर विमल पहाड़िया, अशोक जैन, विजय कासलीवाल, प्रकाश जैन, राजकुमार जैन, रीषभ जैन, योगेन्द्र बड़जात्या, देवेंद्र पाटोदी, कमलेश कासलीवाल, अमित कासलीवाल, और नकुल पाटोदी उपस्थित थे।प्रतिक्रिया व्यक्त करेंShare your reaction
इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया चुनें।Pick your reaction to this story.
संबंधित खबरेंRelated News
संस्कारों की अमृतधारा देने वाली मां को विनम्र श्रद्धांजलि : श्रीमती विमला बाई जैन का जीवन धर्म, तप और त्याग की प्रेरक विरासत
पिपलगोन निवासी श्रीमती विमला बाई जैन ने संस्कारों से समाज को समृद्ध किया। उनके पुत्र अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज आज जिनवाणी का प्रकाश फैला रहे हैं। पढ़िए रेखा संजय जैन की श्रद्धांजलि।
पिपलगोन • रेखा संजय जैन • 28-09-2026, 06:01 am
104 वर्ष पुरानी परंपरा के तहत कांच मंदिर में मना क्षमावाणी पर्व : दिगंबर-श्वेतांबर संतों के सान्निध्य में हुई सामूहिक क्षमायाचना
इंदौर के कांच मंदिर प्रांगण में 104 वर्ष पुरानी परंपरा के तहत क्षमावाणी पर्व मनाया गया। दिगंबर एवं श्वेतांबर संतों के सान्निध्य में सामूहिक क्षमायाचना हुई तथा क्षमा को व्यवहार में उतारने का संदेश दिया गया। पढ़िए श्रीफल साथी रेखा संजय जैन की रिपोर्ट।
इंदौर • रेखा संजय जैन • 27-09-2026, 09:05 pm



