मुनि जयंत सागर जी का अवतरण दिवस दौंड (महाराष्ट्र) में 14 जून को भक्ति पूर्वक मनाया जाएगा। मुनि संघ अभी दौंड में विराजमान है। दौंड से पढ़िए, यह खबर...
दौंड। मुनि श्री सारस्वत सागर जी, मुनि श्री जयंत सागर जी, मुनि श्री सिद्ध सागर जी, क्षुल्लक श्री श्रुतसागर जी का विहार नांद्रे की ओर चल रहा है। मुनि श्री ससंघ दौंड में विराजमान है। अभिषेक अशोक पाटील कोल्हापुर ने बताया कि पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज जी के शिष्य मुनि जयंत सागर जी का अवतरण दिवस दौंड (महाराष्ट्र) में 14 जून को भक्ति पूर्वक मनाया जाएगा। भारत की पावन वसुंधरा पर अनेक ऋषि मुनियों ने अपनी चरण धूलि से इस वसुमति को पवित्र किया है और समाज को एक नई दिशा प्रदान की है। 29 वर्ष पूर्व भिंड निवासी सौभाग्यशाली दंपत्ति सुरेंद्रकुमार जैन एवं अनिता जैन के आंगन में खुशियां छाई थीं। 14 जून 1996 को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी और उस सुंदर बालक का माता पिता ने नाम रखा विशाल।
आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के करकमल से 6 नवम्बर 2022 को रायपुर ( छत्तीसगढ ) में मुनि दीक्षा धारण करके आपका नाम मुनि जयंत सागर जी रखा गया। जयंत सागर जी महाराज आपने पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी के आशीष से सभी जगह अपूर्व जिनधर्म की प्रभावना करते हुऐ, हमेशा गुरु आज्ञा को सब कुछ माना है।गुरुदेव आपके प्रत्येक प्रवचन, जिसमें गुरुभक्ति मानों स्वर्णिम शिखर को छूती है। सरलता, सहजता, सौम्यता की आप प्रतिमूर्ति हो। आप अधिकतम समय ध्यान में लीन रहते है। आपकी वाणी ओजस्वी है।
आपके प्रवचनों की चर्चा चारों ओर है। ऐसे भविष्य के महावीर को प्रणाम करता हूं। आप के अवतरण दिवस के इस शुभ अवसर पर हम सभी यही भावना भाते है कि मुनि श्री जयंत सागर जी आप ऐसे ही अपनी साधना से अपना मोक्ष मार्ग प्रशस्त करते रहें और हमें सदैव वात्सल्य, उपदेश एवं आशीष देते रहें। आचार्य श्री विशुद्धसागर महाराज जी के शिष्य श्रमण मुनि श्री जयंत सागर जी महाराज के 29 वें अवतरण दिवस पर उनके पावन चरणों में मेरी ओर से एवं मेरे समस्त परिवारजनों की ओर से,बारम्बार नमोस्तु।




