मंगल चातुर्मास हेतु आचार्य भगवन विद्यासागर जी महामुनिराज के मंगल आशीष एवं नवाचार्य समय सागर जी की महती अनुकंपा से रविवार को वर्णी नगर मड़ावरा में मुनि अक्षय सागर जी ससंघ का मंगल प्रवेश हुआ। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थस्थल कुंडलपुर से वर्णी नगर मड़ावरा चतुर्मास हेतु विहाररत मुनि अक्षय सागर जी एवं ऐलक उपशम सागर जी का रविवार को वर्णी नगर मड़ावरा में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। पढ़िए प्रियंक सर्राफ की रिपोर्ट...
मड़ावरा। वर्ष 2024 के मंगल चातुर्मास हेतु आचार्य भगवन विद्यासागर जी महामुनिराज के मंगल आशीष एवं नवाचार्य समय सागर जी की महती अनुकंपा से रविवार को वर्णी नगर मड़ावरा में मुनि अक्षय सागर जी ससंघ का मंगल प्रवेश हुआ। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थस्थल कुंडलपुर से वर्णी नगर मड़ावरा चतुर्मास हेतु विहाररत मुनि अक्षय सागर जी एवं ऐलक उपशम सागर जी का रविवार को वर्णी नगर मड़ावरा में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। सकल दिगम्बर जैन समाज एवं चतुर्मास व्यवस्था समिति के नेतृत्व में नगर की सीमा से मुनि संघ की भव्य आगवानी की गयी ।इस दौरान श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। हर तरफ पचरंगा झंडा और मुनि श्री की फोटो रहित तख्तियां ही नजर आ रहीं थीं। महिलाएं अपने सिर पर मंगल कलश लेकर चल रहीं थी तो वहीं युवा व बच्चे पूरे जोश के साथ दिव्यघोष बजाते हुए चल रहे थे। इस भव्य व ऐतिहासिक आगवानी यात्रा को मोती महाराज मंदिर तिराहा से होकर गिरार तिराहा तत्पश्चात बस स्टैंड मुख्य मार्ग होते हुए ब्लाक के पास स्थित श्री महावीर स्वामी जिनालय तक ले जाया गया, जहां धर्मसभा में मुनि श्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए धर्म का मर्म समझाते हुए कहा कि पाप रूपी कीचड़ में रहने वाले जीव को विषय कषाय ही अच्छा लगता है।आचार्यों ने कहा है कि कहीं भोग कर्मों के बाद यह जैन धर्म हमें मिला है । जैन दर्शन में साधु परमेष्टि होते हैं।

भगवान को तो हमने देखा ही नहीं है तो साधु संगत कर ही अपना भव सुधारने का कार्य कर सकते हैं। इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य भगवन विद्यासागर जी के चित्र के समक्ष चातुर्मास कमेटी व सभी मंदिरों के प्रबंधक गणों ने दीप प्रज्वलन कर किया गया। ततपश्चात मुनि श्री के पाद प्रक्षालन व शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य नगर गौरव डॉ. विरधी चंद्र चंद्रकुमार. डॉ विकास, डॉ विशाल, मुकेश मामा के परिवार को एवं ऐलक जी को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य अजय कुमार, अनिल कुमार, राजीव कुमार जैन रजोला परिवार को प्राप्त हुआ। इस दौरान सकल दिगम्बर जैन समाज मड़ावरा एवं क्षेत्रीय समाज के सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।