नौगामा। भगवान पार्श्वनाथ के निर्वाण महोत्सव मुकुट सप्तमी के पावन अवसर पर 19 अगस्त को 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, 1008 भगवान महावीर समवशरण मंदिर एवं सुखोदय तीर्थ नसिया जी में धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ आयोजित किए गए। इस अवसर पर भगवान पार्श्वनाथ के निर्वाण लाडू अर्पित कर धर्मलाभ लिया गया।

विशेष अभिषेक और शांतिधारा

प्रातःकाल मंदिरों में भगवान का विशेष अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। अभिषेक करने का प्रथम सौभाग्य सुरेश चंद्र गांधी एवं ऋषिपा राजेंद्र गांधी को प्राप्त हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भक्तिभावपूर्वक भगवान पार्श्वनाथ के निर्वाण लाडू अर्पित किए।

निर्वाण लाडू अर्पित कर मनाया निर्वाण महोत्सव

वागड़ के बड़े बाबा आदिनाथ भगवान, भगवान नेमिनाथ एवं भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमाओं के समक्ष निर्वाण लाडू अर्पित किए गए। निर्वाण लाडू चढ़ाने का प्रथम सौभाग्य पंचोली अनीता दीपक एवं महिला मंडल की मंजुला जयंतीलाल को प्राप्त हुआ।

जैन पाठशाला के छात्रों ने की सामूहिक पूजन

इसके पश्चात जैन पाठशाला के छात्रों ने मनीषा नानावटी एवं कुसुमलता नानावटी के सानिध्य में भगवान पार्श्वनाथ की सामूहिक पूजन की। वाद्य यंत्रों की मधुर स्वर लहरियों के बीच छात्रों ने भक्तिभाव के साथ धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की।

80 छात्रों ने किया सामूहिक उपवास

मुकुट सप्तमी के अवसर पर जैन पाठशाला के 80 छात्रों ने सामूहिक रूप से उपवास किया। पूजन के पश्चात सभी छात्रों को अल्पाहार एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। यह व्यवस्था पंचोरी दीपक कुमार एवं नानावटी विनोद कुमार द्वारा की गई।

शाम को हुआ धार्मिक एवं भक्तिमय कार्यक्रम

शाम को दिया दृष्टि दीदी ने मुकुट सप्तमी के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उनके सानिध्य में आचार्य भक्ति एवं भक्ति संगीत का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

धर्म, संस्कार और बच्चों की सहभागिता

मुकुट सप्तमी के आयोजन में बच्चों की सक्रिय सहभागिता ने धार्मिक संस्कारों और जिनवाणी के प्रति उनके जुड़ाव को विशेष रूप से दर्शाया। सामूहिक पूजन, उपवास और धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों ने भगवान पार्श्वनाथ के निर्वाण कल्याणक से प्रेरणा प्राप्त की।