धर्मनगरी किशनगढ़ की धरा पर अब तक तीन जैन मंदिरों के भव्य पंचकल्याणक महोत्सव के आयोजन हो चुके हैं । पिछला पंचकल्याणक महोत्सव 2015 में 19 से 23 अप्रैल को हुआ था । इसके साढ़े 8 साल बाद वात्सल्य वारिधि आचार्य वर्धमान सागर महाराज ससंघ के कदम किशनगढ़ की धरा पर पड़े है ।
आचार्यश्री 5वीं बार इंदिरा नगर स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर एवं सिटी रोड स्थित चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर में नवनिर्मित मान स्तंभ की प्रतिमाओं के पंचकल्याणक महोत्सव के लिए यहां मंगलप्रवेश कर चुके हैं ।
1979 में हुआ था पहला पंचकल्याण महोत्सवमार्बलनगरी की धरती पर सबसे पहला पंचकल्याण महोत्सव वर्ष 1979 में आदिनाथ मंदिर का हुआ था। इसमें आचार्य विद्यासागर महाराज का सान्निध्य मिला था। इसके बाद वर्ष 1984 में रूपनगढ़ रोड स्थित मुनि सुव्रतनाथ मंदिर के पंचकल्याणक महोत्सव में जैन धर्मावलंबियों को आचार्य धर्मसागर महाराज का सामीप्य हासिल हुआ था। तीसरा पंचकल्याणक वर्ष 2014 में शिवाजीनगर पार्श्वनाथ जैन मंदिर का आयोजित हुआ था। इस दौरान वात्सल्य वारिधि आचार्य वर्धमान सागर महाराज ससंघ का चातुर्मास यहीं पर होने के कारण जैन समाज को उनकी सहभागिता हासिल हुई थी।
भव्य पंचकल्याणक के लिए 22 कमेटियां कर रही अहर्निंश कार्यअब यहां चौथे भव्य कल्याणक महोत्सव में पूरा किशनगढ़ शहर रोशनी से सजा है, जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए हैं । मुनि सुव्रतनाथ दिगंबर जैन पंचायत के तत्वावधान एवं वात्सल्य वारिधि आचार्य वर्धमान सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में 22 से 27 जनवरी तक श्रीमद् जिनेंद्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव हो रहा है। आचार्यश्री के साथ ही गणिनी आर्यिका सरस्वती माताजी ससंघ का भी मंगल प्रवेश हुआ । आयोजन के लिए 22 कमेटियां निरंतर अपना काम कर रही हैं ।
व्यापक रूप से की गई हैं आवास व्यवस्थाएंआयोजन में प्रदेशभर से समाज के लोग किशनगढ़ पहुंचेंगे । इनकी आवास व्यवस्था अतिथि आवासगृह, आरजू पैलेस, धर्मसागर भवन, धर्मसागर स्कूल, बाहेती धर्मशाला, जैन भवन, कुमावत भवन, चंद्रप्रभु भवन समेत होटलों व धर्मशालाओं में की गई है । जबकि, भोजन व्यवस्था सूरजदेवी पाटनी सभागार, मंडप में की गई हैं ।
कार्यक्रम के तहत 22 जनवरी को घट यात्रा के साथ ही महोत्सव का आगाज हुआ । महोत्सव के तहत 22 जनवरी को गर्भ कल्याणक पूर्वार्द्ध में सवेरे 6 बजे नांदी मंगल अनुष्ठान, व्रतदान विधि, घटयात्रा महोत्सव, भूमि सिद्धि, श्रीजिन स्थापना, सवेरे 9 बजे ध्वजारोहण, मंडप उद्घाटन, चित्र अनावरण, दीप प्रज्जवलन, मंगल कलश स्थापना, आचार्य निमंत्रण, अतिथि सत्कार, प्रवचन सभा, दोपहर एक बजे सकलीकरण, इन्द्र प्रतिष्ठा, मंडप प्रतिष्ठा, अंकुरारोपण, जाप्यारंभ, श्री जिनाभिषेक, यागमंडल पूजा, शाम 7 बजे आरती, साढ़े 7 बजे शास्त्र सभा और रात 8 बजे गर्भ कल्याणक नाटकीय उत्सव पूर्व रूप का आयोजित किया गया ।
23 जनवरी को गर्भ कल्याणक उत्तरार्द्ध23 जनवरी को गर्भ कल्याणक उत्तरार्द्ध, 24 को जन्म कल्याणक महोत्सव, 25 को तप कल्याणक महोत्सव, 26 को केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव व 27 जनवरी को मोक्ष कल्याणक महोत्सव का आयोजन होगा।
आयोजन को सफल बनाने वाले ये हैं संगठन और प्रबुद्ध लोगआयोजन को सफल बनाने में चंद्रप्रभु महिला मंडल, पारसनाथ महिला मंडल, णमोकार महिला मंडल, अग्रसेन महिला मंडल, चेतना जागृति महिला मंडल, मुनिसुव्रतनाथ महिला मंडल, सुज्ञान महिला मंडल, महिला महासमिति, धर्म सागर स्कूल प्रबंधन, पारसनाथ महिला मंडल तेली मोहल्ला, पुलक मंच, दिगंबर जैन महासमिति, दिगंबर जैन महासभा, इंदिरा नगर जैन समाज, महावीर महिला मंडल समेत जैन समाज के लोग जुटे हुए है।




