महरौनी, ललितपुर। दशलक्षण महापर्व के अवसर पर नगर के श्री अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किए जा रहे हैं। मुनि विकौशलसागर महाराज के सान्निध्य में प्रतिदिन जिन अभिषेक, शांतिधारा, दशलक्षण पूजन एवं प्रवचन का क्रम चल रहा है।
धर्म का उद्देश्य जीवन-परिवर्तन
महापर्व के नौवें दिन मुनि विकौशलसागर महाराज ने प्रवचन में कहा कि दशलक्षण पर्व आत्मशुद्धि और जीवन से विकारों को दूर करने की प्रेरणा देता है। धर्म केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन में संयम, सदाचार, अहिंसा और सद्भाव को अपनाने का माध्यम है।
रानी चेलना के चरित्र का मंचन
सांध्यकालीन आरती के बाद श्री अजितनाथ जिनालय परिसर में महिला मंडल ने रानी चेलना के जीवन चरित्र पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीलम दुष्यंत बड़ोनिया ने आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कलाकारों ने रानी चेलना की भगवान महावीर के प्रति श्रद्धा, अहिंसा, जीवदया, क्षमा और संयम की भावना को प्रभावशाली अभिनय से जीवंत किया। नाटक ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया और प्रस्तुति के अंत में कलाकारों का उत्साहवर्धन किया गया।
शांतिनाथ जिनालय में तंबोला प्रतियोगिता
श्री शांतिनाथ जिनालय में तंबोला प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें महिला, पुरुष एवं बच्चों सहित समाजजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों से समाज में मेलजोल और सहभागिता का वातावरण बना रहा।
दशलक्षण महापर्व के दौरान नगर के विभिन्न जिनालयों में प्रतिदिन पूजन, प्रवचन, धार्मिक अनुष्ठान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन जारी है।
श्रीफल साथी : राजीव सिंघई





