मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज संसघ द्वारा परम पूज्य वात्सल्य वारिधि आचार्य शिरोमणि श्री वर्धमान सागर जी महाराज संसघ की चरण वंदना का परम अवसर प्राप्त हुआ। दोनों संघो के विहार के समय ये महामिलन हुआ। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट।

परम पूज्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभावक श्रुत संवेगी शिष्य मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज संसघ द्वारा परम पूज्य वात्सल्य वारिधि आचार्य शिरोमणि श्री वर्धमान सागर जी महाराज संसघ की चरण वंदना का परम अवसर प्राप्त हुआ।

दोनों संघो के विहार के समय ये महामिलन हुआ। मिलन का ये अदभुत क्षण देखकर श्रावक जन भाव विभोर हो गये और नमोस्तु शासन जयवंत हो को गुंजायमान करते हुए आनंदित हुए।