अंबाह। गणिनि आर्यिका श्री संगममति माताजी ससंघ के पावन मंगल सानिध्य में चल रही 35 दिवसीय णमोकार महामंत्र अर्चना के अंतर्गत सोमवार शाम को विनम्र एकेडमी एवं वीतराग शासन बालिका मंडल अंबाह के पुण्यार्जकत्व में संगीतमय महाआरती का भव्य भक्तिमय आयोजन हुआ। नगर पालिका चौराहे से प्रारंभ हुई महा आरती जैन बगीची पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान पूरा अंबाह णमोकार महामंत्र की मंगल ध्वनि और धार्मिक जयघोषों से गुंजायमान रहा। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं सपरिवार शामिल हुए। आयोजन में बच्चों की विशेष रूप से बड़ी संख्या में सहभागिता आकर्षण का केंद्र रही। नन्हे बच्चों ने पूरे उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ महा आरती में भाग लिया। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को धार्मिक उल्लास के साथ संस्कारमय स्वरूप प्रदान किया।
जैन बगीची में संगीतमय महाआरती हुई
नगर पालिका चौराहे से श्रद्धालु संगीतमय महाआरती के साथ जैन बगीची की ओर आगे बढ़े। मार्ग में भक्ति गीतों, णमोकार महामंत्र के जाप और धार्मिक जयकारों से वातावरण आध्यात्मिक हो उठा। श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करते हुए आगे बढ़ते रहे। जैन बगीची पहुंचने के बाद विधिवत संगीतमय महाआरती संपन्न हुई। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने एक घंटे तक सामूहिक णमोकार महामंत्र का पाठ किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा एक स्वर में किए गए महामंत्र के जाप से जैन बगीची का वातावरण अत्यंत भक्तिमय और आध्यात्मिक हो गया। श्रद्धालु मंत्र की मंगल ध्वनि में आत्मिक शांति और धर्मानुभूति का अनुभव करते नजर आए।
युवा पीढ़ी को धर्म से जुड़ने का अवसर मिलता है
इस अवसर पर पुण्यार्जक परिवार विनम्र एकेडमी एवं वीतराग शासन बालिका मंडल अंबाह रहे। आयोजन में सकल दिगंबर जैन समाज के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। चातुर्मास समिति एवं समाज के सदस्यों ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान किया।
श्रद्धालुओं ने कहा कि णमोकार महामंत्र जैन धर्म का मंगलकारी महामंत्र है, जिसका स्मरण और सामूहिक जाप आत्मशुद्धि एवं आध्यात्मिक चेतना का माध्यम है। ऐसे आयोजनों से समाज में धार्मिक वातावरण निर्मित होने के साथ बच्चों और युवा पीढ़ी को भी संस्कार एवं धर्म से जुड़ने का अवसर मिलता है।
वीतराग भगवान के जयघोष गूंजे
गुरु मां संगममति माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य में आयोजित इस संगीतमय महाआरती में श्रद्धा, भक्ति और संस्कार का सुंदर संगम देखने को मिला। देर शाम तक जैन बगीची में णमोकार महामंत्र और वीतराग भगवान के जयघोष गूंजते रहे।




