जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर, देवाधिदेव भगवान 1008 श्री ऋषभदेव जी (श्री आदिनाथ भगवान) का जन्मोत्सव चैत्र कृष्ण नवमी 12 मार्च को बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। इंदौर से पढ़िए, यह खबर...
इंदौर। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर, देवाधिदेव भगवान 1008 श्री ऋषभदेव जी (श्री आदिनाथ भगवान) का जन्मोत्सव चैत्र कृष्ण नवमी 12 मार्च को बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। आखिर जिनके पुत्र भरत के नाम पर इस देश का नाम 'भारत' हुआ। उनका जन्मकल्याणक जो है। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस अवसर पर पालकी में श्रीजी विराजमान कर चल समारोह निकाला जाएगा। चल समारोह श्री आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर से आरंभ होकर गौरव नगर, महावीर बाग, अग्रसेन नगर होकर श्री आदिनाथ जिनालय पहुंचेगा। यहां श्रीजी का स्वर्ण एवं रजत कलशों से अभिषेक किया जाएगा। छत्रपति नगर जैन समाज के अध्यक्ष भूपेंद्र जैन ने समाज जनों से आह्वान करते हुए कहा कि पुरुष वर्ग श्वेत वस्त्रों मएवं महिलाएं अपने अपने मंडल की साड़ियों में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाएं। दद्दू ने कहा कि व्यापक तैयारियां जारी हैं।यह होंगे विशेष कार्यक्रम
इस पावन दिवस पर प्रातःकालीन कार्यक्रम मूलनायक श्री आदिनाथ भगवान बड़े बाबा का महा मस्तकाभिषेक एवं शांतिधारा प्रातः 6.30 से 8.15 बजे तक होगी। श्रीजी को पालकी में विराजमान कर चल समारोह प्रातः 8.30 बजे से निकलेगा। सांध्य बेला में श्री जी की भव्य आरती एवं 48 दीपकों के साथ भक्तांबर पाठ की मंगल आराधना श्री आदिनाथ ट्रस्ट कमेटी के कमल जैन चेलेजर डॉ. जैनेन्द्र जैन, विपुल बांझल, निलेश जैन टेलेंट, श्रुत जैन, रमेशचंद जैन एवं महिला मंडल, बहु मंडल एवं समस्त समाजगणों ने सम्पूर्ण जैन समाज से आयोजन में पधारकर शामिल होने का अनुरोध किया है।



