आगरा। निर्मल सेवा सदन, छीपीटोला में जैन धर्म पर आधारित शानदार सत्र आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। इस पहल का उद्देश्य युवा सोच को प्रेरित करना और जैन दर्शन, मूल्यों, आध्यात्मिकता तथा आत्म-विकास के मार्ग की गहरी समझ प्रदान करना है। रविवार को पट्टाचार्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महामुनिराज जी के शिष्य मुनि श्री समत्व सागर जी महाराज, मुनि श्री शील सागरजी महाराज, मुनि श्री सुप्रभात सागरजी महाराज ससंघ के सानिध्य में युवा एवं युवतियों और पुरुष एवं महिलाओं को वंडरफुल जैनिज़्म 6 में साथ उलझे सवालों से अंदरूनी सुकून तक का सफ़र तक होगा l मुनि श्री का पाद प्रक्षालन भक्तों ने किया। ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता से भरपूर यह सत्र इतना प्रभावशाली था कि सभागार आगरा के युवाओं से खचाखच भरा हुआ था। पूरे उत्साह के साथ युवाओं ने एक स्वर में उद्घोष किया और आज के सच्चे प्रवचन सुन आँखों में आंसू लिए यूथस। “Proud to be a Jain!”

सुबह जल्दी उठने से सिद्ध होते हर काम

संयुक्त धर्म सभा मे बोलते हुए मुनि श्री समत्व सागर जी महाराज द्वारा मार्गदर्शित "Wonderful Jainism 6" के विशेष सत्र में कहा कि बच्चों! सुबह होती है, हर रोज़ सुबह होती है और हर दिन एक शाम हुआ करती है। सुबह होना और शाम का होना यह कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन इस सुबह से शाम के बीच में जीवन जीना अगर यह कला सीख ली जाए, तो जीवन में सुबह और शाम तो बहुतों की हुई है, लेकिन उसके जीवन की कभी शाम नहीं होती जो अपने जीवन में सुबह और शाम को। इसलिए सबसे पहले जब भी उठेंगे, जब भी उठते हैं तब एक चीज़ ध्यान रखना है—हमेशा एक सुबह आपके जीवन में कुछ उम्मीद लेके आए और हर शाम आपके जीवन में कुछ खुशियाँ दे के जाए, बीच में बहुत मेहनत की आवश्यकता होगी।

एक बड़े व्यक्ति के पास भी उतना ही समय है जितना आपके पास

सभी लोग वही जाना चाहते हैं ना जहाँ लेट नाइट पार्टीज़ और बड़ा आनंद होता है कि अब तो दिन निकला है, अब तो घूमने का समय आया है, अब तो पढ़ाई करने का समय आया है। ज्ञानियों! आज इस बारे में बात करना है कि मेरे जीवन में उतनी ही शामें हैं जितनी एक परफेक्ट जीवन में होती हैं। एक बड़े व्यक्ति के पास भी उतना ही समय है जितना आपके पास है, लेकिन एक बड़ा व्यक्ति बड़ा क्यों है? और उसके पास ऐसा क्या है जिससे आप प्रभावित होते हैं? आप दो लोगों को तो अच्छे से जानते होंगे—एक रावण, जानते हैं उन्हें? उन्हें जानते हैं आप रावण को? और राम को जानते हैं? रावण और राम, दोनों ने जीवन जिया और दोनों जीवन जी के नियत है कि मरण को तो प्राप्त होना ही होता है। राम भगवान हों या रावण हो, यह थे। अब लेकिन ध्यान रखना, ज्ञानियों! रावण... "रावण थे" और "राम था", ऐसा कभी बोला? आप अपने जीवन के बाद भी अपने नाम के पीछे क्या लगाना चाहते हैं? "था" लगाना चाहते हैं या "थे" लगाना चाहते हैं?

इतना शांत घर में रहना सीख लो

आज विचार कर लेना! आपका जब नाम पुकारा जाएगा—"ऋषभ था".कोई व्यक्ति "था" कि कोई व्यक्ति "थे"? एक में "था" और एक में "थे", यह चेंज क्यों आया? जिसका जीवन राम जैसा होता है, उसके जीवन में "थे" शब्द का प्रयोग होता है और जिसके जीवन में रावणपना होता है, उसके हर मरण के बाद उसके जीवन में "था" शब्द का प्रयोग होता है। आपके पीठ पीछे आपकी क्या बात होती है, यह आज निर्धारित हो जाएगी। सबसे पहले हमें यह जानना है कि हम तो स्वतंत्र भारत के स्वतंत्र नागरिक हैं, जो चाहें वह कर सकते हैं, करेक्ट? स्वतंत्रता का क्या अधिकार है? जो चाहें वह करें, परफेक्ट? आप लोग सही में स्वतंत्र भारत के स्वतंत्र नागरिक हो या बंदी बना के लाए गए हो? आप लोग को बंधन में लाया गया है कि आप स्वतंत्र हो? जैसे आप घर में चिल्लाते हो, वैसा यहाँ पर तो नहीं दिखाई दे रहा है। आप इतने ही शांत घर में रहते हो क्या? अगर इतना शांत घर में रहना सीख लिया जाए, तो कितना अच्छा माहौल घर का बन जाए l

यह आज सीखना है झाडू लगेगी

माँ के साथ जब बात करते हो तो कुछ और होता है, जब अपने दोस्तों के साथ होते हो तब कुछ और होते हो और शाम आते-आते पता नहीं तुम कौन से भेष में चले जाते हो! यह आज सीखना है झाडू लगेगी, तैयार हो? कुछ चीज़ें खराब हैं, उसको हटाया जाएगा, तैयार हो? अगर तैयार हो तो अपने जीवन में तैयार हो जाइए कि आप उस एक्स-फैक्टर को प्राप्त कर सकते हो, जो आज तक आपने जाना ही नहीं था कि उसे कैसे प्राप्त किया जा सकता है। राइट? शुड बी अ स्मार्ट वॉच इन माय हैंड, अ ब्रांडेड टी-शर्ट इन माय. अपर साइड, ब्रांडेड गॉगल, कार, नाइस बाइक आप लोग तो बाइक नहीं चलाते ना? "नाइस बाइक वाला" ऐसा भी तो हो सकता है! आप यही तो थिंक करते हैं कि कौन परफेक्ट है, कैसा है, जिसके पास जितना अच्छा वैभव है, कितनी अच्छी पर्सनालिटी है, किसके डोले-शोले बहुत अच्छे हैं! यहाँ बनाने के लिए निकलते हैं और जिनके बने हुए हैं, उनके पीछे यह लोग लगते हैं, निकलते हैं। तो यह बात आज जानना पड़ेगी कि क्या पर्सनालिटी इससे डिसाइड होगी कि मैं बाहर कैसा हूँ? हम जानते हैं, हमारी पर्सनालिटी आप लोग हमेशा कहते हैं—'द फर्स्ट इम्प्रेशन इज़ अ लास्ट इम्प्रेशन'। लेकिन घर जाओ ना, तो पता चलता है कि हाथ में क्या लेके आए हो। हाथ में चाइनीज आइटम लेके आओगे बहुत अच्छा लगता है, लेकिन बहुत अच्छा लगने के बाद में कितने दिन अच्छा चलता है और कितने दिन अच्छा लगता है, यह सब तुम्हें पता चल जाता है कि मैंने अपनी लाइफ में वह बहुत अच्छे से अर्न की हुई मनी को वेस्ट कर दिया, क्योंकि आई हैव गॉट अ चाइनीज आइटम!

फ्रीडम के साथस्वच्छंदता नहीं मिली हुई है

कितने लोग चाहते हैं कि आपके जीवन में चाइनीज आइटम ज्यादा हों? नहीं ना? कहीं आप लोग तो अपने जीवन को चाइनीज आइटम नहीं बना दिए? बिकॉज़ व्हाट यू वांट? अ गुड ए स्मार्ट वॉच, स्मार्टफोन, स्मार्ट गॉगल एंड स्मार्ट पार्टीज़! दैट्स व्हाई और तभी तो मजा आएगा स्वतंत्र जीवन का! देख लीजिए, एक बात यहाँ समझ लीजिए—स्वतंत्र जीवन और स्वच्छंदता में बहुत बड़ा अंतर है। फ्रीडम जो फ्रीडम आपको मिली हुई है, उसके साथ में स्वच्छंदता नहीं मिली हुई है। आपके घरों में शायद मुझे लगता है, सबसे ज्यादा यही कहीं पर फ्रीडम की बात है, तो वह जैन परिवार हुआ करता है। जितनी स्वतंत्रता आपको दी जाती है बच्चों, और बच्चे यहाँ खास करके, जितनी स्वतंत्रता आपको मिली हुई है, आप पूरे जगह देख के आना l मंच संचालन सतेंद्र जैन साहूला ने किया।

यह समाजजन उपस्थित रहे

दिल्ली से विशेष ट्रेनर आई हैं प्रिया जैन और एक ट्रेनर अंजना जैन ने वॉर्कशाप में आज आत्मविश्वासी, खुशहाल, मजबूत, जागरूक, सकारात्मक, निर्णय लेने में सक्षम बनाना है, ताकि वे जीवन की हर चुनौती का मजबूती और प्रसन्नता के साथ सामना कर सकें। बेटियों को केवल सुरक्षित नहीं, सक्षम और सशक्त बनाना है।

सुरेंद्र कुमार जैन राज्य महामंत्री भारतीय जैन संगठन उत्तर प्रदेश, राज्य चेयरमैन एवं कार्यक्रम संयोजक अंकेश जैन, शैलेंद्र जैन जिला अध्यक्ष, कुमार मंगलम आदि BJS के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इनकी मौजूदगी भी सराहनीय रही

इस मौके पर श्रुत मंथन वर्षायोग समिति के मनोज जैन, रमेश जैन, प्रवीन जैन (पद्मावती), आनंद जैन, शैलेश जैन (लाला जी), मुकेश जैन , रमेश जैन, आशीष जैन, विवेक जैन, चक्रेश जैन, सतेंद्र जैन (साहुल)आशीष जैन (बाबा), सचिन जैन(तार) , आशु (वी.के), रोहित जैन,नितिन, सनी, अनिकेत,दीपक जैन मीडिया प्रभारी राहुल जैन समस्त मंडल एवं सकल जैन मौजूद था।