दो लाख से ज्यादा लोग बनेंगे साक्षी
कुण्डलपुर. कुण्डलपुर महामहोत्सव हर दिन नया इतिहास बना रहा है। महामहोत्सव में आज आचार्यश्री विद्यासागरजी द्वारा 18 ब्रह्मचारियों को जैनेश्वरी दीक्षा दिए जाने की संभावना है। आचार्यश्री ने 1989 में कुण्डलपुर में पहली दीक्षा दी थी। इस बार 18 ब्रह्मचारी दीक्षा ले रहे हैं। आइये जानते हैं कौन क्या है-संभावित दीक्षार्थी
- ब्र सुमित भैया गुना २. ब्र सचिन भैया जैन मुंगावली ३. ब्र अविचल जैन भैया गुना ४. ब्र राजा भैया खिमलासा ५. ब्र सौरभ जैन सागर ६. ब्र राहुल जैन सागर ७. ब्र ब्रमयूर जैन विदिशा ८. ब्रमानस जैन इंदौर ९. ब्रराजेश जैन सागर १०. ब्र प्रांजल जैन सतना ११. ब्रमयूर जैन सुरर्खी १२ . ब्रअर्पित जैन फिरोजाबाद १३. ब्र चंदन जैन पंजाब १४. ब्र कार्तिक जैन दमोह १५. ब्रभूपेंद्र भैया ललितपुर १६. ब्रईश्वरदास महाराजपुर १७. ब्रसचिन जैन पुसद 18 ब्र. अमित भैया, ललितपुरपरफेक्ट ट्रॉउजर के मालिक बनेंगे महाराज वैराग्य की ओर सौरभ भैया की यह तीसरी पीढ़ी है। दादी माताजी हैं। पिता की 3 वर्ष पूर्व कोलकाता में दीक्षा हुई। वे मुनि महाराज हंै। अब 14 अगस्त 90 को जन्मे ब्रह्मचारी सौरभ भैया आचार्य भगवन का आशीर्वाद प्राप्त कर दीक्षा ले रहे हैं। सुभाष नगर सागर के सौरभ भैया ने अपने भाई सचिन के साथ मिलकर परफेक्ट टाउजर का व्यापार करते थे। 28 दिसंबर 2020 से घर का त्याग कर मुनि वीर सागर महाराज के साथ जुड़ गए। उन्होंने डोंगरगढ़ में आचार्य से 8 वर्ष पूर्व आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत लिया था। 6 लाख का पैकेज छोड़ चल पड़े वैराग्य की ओर: सीहोरा सागर निवासी राहुल जैन वैराग्य की ओर चल पड़े हैं। आचार्य संघ में मुनि श्रमणसागर महाराज के गृहस्थ अवस्था के छोटे भाई राहुल ने 2011 में ब्रह्मचारी व्रत लिया था। निर्यापक मुनि समय सागर महाराज के संघस्थ थे। 9 अक्टूबर 1987 को जन्मे राहुल ने बीई इंदौर से किया है। 6 लाख का पैकेज छोड़ हैदराबाद से घर आ गए थे। पिता रविंद्र जैन पुष्कल और मां मैना बाई हैं। इनके बड़े भाई आचार्य संघ में मुनि प्रमाण सागर महाराज हैं।
6 लाख का पैकेज छोड़ चल पड़े वैराग्य की ओर सीहोरा सागर निवासी राहुल जैन वैराग्य की ओर चल पड़े हैं। आचार्य संघ में मुनि श्रमणसागर महाराज के गृहस्थ अवस्था के छोटे भाई राहुल ने 2011 में ब्रह्मचारी व्रत लिया था। निर्यापक मुनि समय सागर महाराज के संघस्थ थे। 9 अक्टूबर 1987 को जन्मे राहुल ने बीई इंदौर से किया है। 6 लाख का पैकेज छोड़ हैदराबाद से घर आ गए थे। पिता रविंद्र जैन पुष्कल और मां मैना बाई हैं। इनके बड़े भाई आचार्य संघ में मुनि प्रमाण सागर महाराज हैं।
विदिशा के एमटेक बेटा बन रहा मुनि विदिशा नगर के माला जैन एवं मुकेश जैन वड़ाघर के इकलौते पुत्र मयूर जैन (मनी भैयाजी) का यह सौभाग्य ही है कि उनको आचार्य गुरूदेव श्री विद्यासागरजी महाराज के रुप में गुरु मिले एवं कुशल शिल्पी के रूप में निर्यापक मुनि श्री समयसागर जी महाराज का आशीर्वाद मिला। मयूर भैया जी कुंडलपुर के महामहोत्सव में आचार्यश्री के हाथों दीक्षा लेंगे। इस पंचकल्याणक महोत्सव में आचार्य श्री विद्यासागरजी के हाथों लगभग 17 दीक्षा सम्भावित है। इनमे मालारानी एवं मुकेश जैन जो कि भगवान सुमतिनाथ के माता पिता वनने का गौरव प्राप्त कर रहे है ऐसे बड़ाघर परिवार में जन्म लेने वाले मयूर भैयाजी का नाम भी सम्भावित दीक्षाओं की सूची में है। मयूर ने एमटेक की परीक्षा उत्तीर्ण की है और वे अच्छे जॉब के लिए अमेरिका जाने वाले थे लेकिन आचार्य श्री से लगी लगन के कारण वे अब मोक्ष की राह पर मुड़ गए हैं।मुंगावली के सचिन भैया मुंगावली के बृह्मचारी सचिन भैया का नाम भी शामिल है। इससे उनके परिजन भी महोत्सव में पहुंच गए हैं। वहीं शाम को कुंडलपुर में सचिन भैया की गोद भराई का कार्यक्रम भी हुआ। जिले के मुंगावली कस्बे में 1990 में जन्मे सचिन भैया का कॉलेज का नाम प्रिंस जैन है और उनके पिता प्रमोदकुमार व माता का नाम सुमन जैन है। कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले प्रिंस जैन ने 10 साल पहले मुनिश्री पूज्यसागरजी महाराज की प्रेरणा से सिलवानी में बृह्मचर्य व्रत लिया था और उन्हें सचिन भैया नाम मिला था। तब से वह मुनिश्री वीरसागर व धवलसागरजी के संघ में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। साथ ही उन्होंनें बीना बारां में शांतिधारा दुग्ध व कुंडलपुर में हथकरघा की जिम्मेदारी भी संभाली।



