भगवान मुनिसुव्रतनाथ का ज्ञान कल्याणः तिथि के अनुसार ज्ञान कल्याणक वैशाख कृष्ण नवमी को। इस बार 22 अप्रैल को

जैन धर्म के 20वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रत नाथ का ज्ञान कल्याण 22 अप्रैल को मनाया जाएगा। भगवान का ज्ञान कल्याण वैशाख कृष्ण नवमी के दिन मनाया जाता है। इस दिन दिगंबर जैन मंदिरों में भक्ति आराधना, अभिषेक, शांतिधारा आदि कार्यक्रम किए जाएंगे। इस अवसर पर श्रीफल जैन न्यूज की श्रंखला के तहत यह विशेष प्रस्तुति उप संपादक प्रीतम लखवाल के संकलन और संयोजन में पढ़िए...
इंदौर। भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी जैन धर्म के 20वें तीर्थकर थे। उनका ज्ञान कल्याणक इस बार 22 अप्रैल को मनाया जाएगा। उन्होंने जैन धर्म की प्रभावना को भारत वर्ष ही नहीं समूचे विश्व के जैन समाज में पहुंचाई। उनका ज्ञान कल्याणक वैशाख कृष्ण नवमी के दिन मनाया जाता है। उन्हें इस तिथि पर कैवल ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। भरत क्षेत्र के अंग देश के चंपापुर नगर में हरिवर्मा नाम के राजा थे। किसी दिन वहां के उद्यान में अनंतवीर्य नाम के निग्ररंथ मुनिराज पधारे। उनकी वंदना करके राजा ने धर्माेपदेश सुना। तत्क्षण विरक्त होकर अपने बड़े पुत्र को राज्य देकर अनेक राजाओं के साथ संयम धारण किया। उन्होंने गुरु के समागम से 11 अंगों का अध्ययन किया और दर्शनविशुद्धि आदि सोलह कारण भावनाओं का चिंतवन तीर्थंकर गोत्र का बंध किया। चिरकाल तक तपश्चरण करते हुए अंत में समाधिपूर्वक मरण करके प्राणत स्वर्ग में इंद्र हो गए। वहां 20 सागर की आयु थी और उनका साढे़ तीन हाथ लंबा शरीर था।
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