भगवान महावीर धर्मस्थल में परम पूज्य 108 श्री प्रमुख सागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में मंगलवार को वीरशासन जयंती समारोह धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आचार्य श्री ने उपस्थित भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि एक इंद्रीय से पंच इंद्रियों तक समस्त जीव परमात्मा बन सकते हैं। पढ़िए सुनील कुमार सेठी की रिपोर्ट...
गुवाहाटी। भगवान महावीर धर्मस्थल में परम पूज्य 108 श्री प्रमुख सागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में मंगलवार को वीरशासन जयंती समारोह धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आचार्य श्री ने उपस्थित भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि एक इंद्रीय से पंच इंद्रियों तक समस्त जीव परमात्मा बन सकते हैं।

किसी के अंदर व्यक्त रूप में शक्ति है और किसी के अंदर अवयुक्त रूप में शक्ति है। हमें हर जीव का सम्मान करना चाहिए और जीव दया की भावना रखनी चाहिए। भगवान महावीर 65 दिनों तक मौन रहे तो, उनकी धड़कन भी नहीं सुनाई दी और बोले तो कोने-कोने तक उनकी आवाज गूंजती रही।

अगर कोई पुण्यशाली जीव उनके पास पहुंच जाता तो 'आ' समय में भी उनकी दिव्य देशना खिल जाती थी। आचार्य श्री ने कहा आज से जिनवाणी एवं स्वाध्याय की कक्षाएं प्रारंभ होंगी। जिसमें समाज के सभी सदस्यों को भाग लेने का अनुरोध किया गया है।
इन्हें मिला सौभाग्यकार्यक्रम के पूर्व श्रीजी की शांतिधारा एवं संध्याकालीन आरती करने का सौभाग्य अनिल कुमार- विनिता देवी गोधा गुवाहाटी को प्राप्त हुआ। आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन करने का सौभाग्य पवन- अंजु जैन दिल्ली को प्राप्त हुआ। आचार्य श्री को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य डॉ पंकज जैन, सिलिगुड़ी को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर काफी संख्या में गुरु भक्त उपस्थित थे। यह जानकारी समाज के प्रचार प्रसार विभाग के मुख्य संयोजक ओम प्रकाश सेठी एवं सह संयोजक सुनील कुमार सेठी ने दी।




