श्रीजी की शांतिधारा करने का सौभाग्य कमलेश जैन, मनोज जैन सौंरई परिराजकुमार जैन ऋषभ विहार दिल्ली, नीरज जैन, वैदिक जैन दुकान वाले, शीलचंद्र जैन, प्रमोद जैन, विनोद जैन, आमोद जैन, सुबोध जैन दुकान वाले, प्रमोद जैन, धर्मेंद्र जैन, भूपेंद्र जैन कुम्हैडी परिवार, सवाई सिंघई श्रेयांश जैन, जितेंद्र जैन, अनुराग सिंघई, अभिषेक सिंघई, अनुपम, अतिशय, अर्थव, ओजस सिंघई परिवार, जितेंद्र जैन सीईओ पाली परिवार को प्राप्त हुआ। प्रातःकाल चक्रवर्ती की दिग्विजय यात्रा सम्पूर्ण नगर में निकाली गई। जिसमें दिव्य घोष के साथ घोडा-वग्गी में बैठकर विधान के मुख्य पात्र और परिवारजन चल रहे थे। इंद्र-इंदाणी भक्तिमय नृत्य करते हुए चल रहे थे।
युवा वर्ग दिव्य घोष की धार्मिक स्वर लहरियों पर थिरकते हुए चल रहे थे। सायंकाल भव्य संगीतमयी महाआरती करने का सौभाग्य सवाई सिंघई, श्रेयांश कुमार जैन परिवार को प्राप्त हुआ। मुनिश्री ससंघ को शास्त्र भेंट करने एवं ध्वजारोहण करने का सौभाग्य डॉ. बिरधीचंद्र जैन,डॉ. विकास जैन, डॉ. विशाल जैन, मुकेश मामा परिवार को प्राप्त हुआ। आयोजन को सफल बनाने में नगर की स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग प्राप्त हो रहा है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राकेश जैन सिंघई एवं मंत्री राजेश जैन सौंरया ने किया।
चातुर्मास समिति के महामंत्री डॉ. राकेश सिंघई एवं मंत्री राजेश जैन सौंरया ने बताया कि रात्रि में ब्र. प्रदीप जैन सुयश के निर्देशन में चक्रवर्ती का दरबार लगाया गया, जिसमें इंद्र सभा के इंद्र- इंद्राणियों ने प्रश्न किए, जिनका शंका- समाधान कर उत्तर दिए गए। सत्येंद्र शर्मा एंड पार्टी कंठस्थ कला केंद्र दिल्ली द्वारा चक्रवर्ती दरबार में आकर्षक प्रस्तुति की गई।




