इंदौर। प्राकृताचार्य चतुर्थ पट्टाधीश श्री सुनीलसागर जी महाराज के 49वें अवतरण दिवस के दूसरे सत्र में दोपहर 2 बजे से प्राकृत भाषा सत्कार दिवस समारोह का आगाज हुआ। इस समारोह का आरंभ नेमिनगर जैन कॉलोनी के महिला बहुमंडल की श्राविकाओं ने मंगलाचरण से किया। कार्यक्रम में चित्रों का विमोचन, आचार्यश्री द्वारा रचित ग्रंथों, डाक तार विभाग की ओर से जारी डाक टिकट तथा अन्य पुस्तकों के विमोचन भी आचार्यश्री के सानिध्य और केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के हाथों हुआ। इस अवसर पर आचार्य श्री सुनीलसागर जी ने उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को धर्मसभा में संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृत प्रकृति की भाषा है। संस्कृत संस्कृति की और हिंदी भारत की अपनी भाषा है। उन्होंने प्राकृत में कहते हुए बताया कि नाना जीवा नाना कम्मा यानि इस दुनिया में नाना प्रकार के जीव है। नाना प्रकार के बहुत सारे जीव हैं। बहुत सारे उनके कर्म है। बहुत सारी उनकी प्रवृतियां हैं। उनकी नाना प्रकार की उपलब्धियां हैं।

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गुरु पूजन में भक्ति से झूमे श्रद्धालु

इस अवसर पर गुरु पूजन करते हुए अर्घ्य समर्पित किए। गुरु पूजन आर्यिका श्री सुस्वर माताजी ने संपन्न करवाया। शाम को जिज्ञासा समाधान से पूर्व गुरुदेव की महाआरती और भक्ति का कार्यक्रम संपन्न हुआ। साथ ही मिमिक्री आर्टिस्ट राजा रेंचो ने भी अपनी प्रस्तुति से सभी को आनंदित किया।

आचार्य श्री ने कहा कि प्राकृतिक जीवन जियो, नेचुरल लाइफ

आचार्य श्री ने अपने प्रवचन को प्रवाहमान रखते हुए कहा कि सबकी खोपड़ी एक जैसी नहीं होती। जितनी मुंडी उतनी मति। उन्होंने कहा कि कुंड में अलग-अलग तरह का पानी होता है। इंदौर का ही हाल देख लो। विजयवर्गीय जी सोचेंगे महाराज की क्या बोल रहे हैं। एक मोहल्ले में अलग तरह का पानी है। दूसरे मोहल्ले में अलग तरह का पानी है। तीसरे में अलग तरह का। एक मोहल्ले में ऐसा पानी है, जिसे अगर पी लो तो आपको भगवान के पास पहुंचने में बिल्कुल भी देर न करे। इसके लिए हम ही जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि हमने पानी को जहरीला बना दिया। पानी की शुद्धता बनाए रखना जरूरी है। मुंबई में तो प्रयोग चालू हो गए। समुद्र के पानी से सादा पीने योग्य पानी बनाना। आचार्य श्री ने कहा कि प्राकृतिक जीवन जियो, नेचुरल लाइफ। प्राकृत भाषा को समझो और प्राकृतिक जीवन भी जियो।

जब भी दिल खोलो मुंह खोलो इंडिया नहीं भारत बोलो

उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा ये शब्द प्रयोग हो रहा है। आशय हमारा सिर्फ इतना है कि विरासत भी, विकास भी। हम भारत शब्द का प्रयोग करें। यहां ज्ञान भारत मिशन भारत इंडिया नहीं। भारत बोलो। जब भी दिल खोलो मुंह खोलो इंडिया नहीं भारत बोलो। श्रुत पंचमी को प्राकृत भाषा दिवस है। इस सात तारीख को प्राकृत भाषा सत्कार दिवस के रूप में ब्राह्मी का होगा।

अज्झप्पसारो ग्रंथ, डाक टिकट तथा चित्रों का विमोचन

कार्यक्रम में आचार्यश्री सुनीलसागर जी महाराज द्वारा रचित ग्रंथ अज्झप्पसारो का विमोचन केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने किया। इसके अलावा भारतीय डाक तार विभाग की ओर से आचार्यश्री सुनीलसागर जी के 49वें अवतरण दिवस पर जारी डाक टिकट का विमोचन भी किया गया। इसके अलावा दो चित्रों का विमोचन भी हुआ। इस अवसर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, इंद्रकुमार सेठी, वीणा सेठी, कुशलराज जैन पमपम, महिला मंडल की अध्यक्ष साधना दगड़े, टीके वेद, देवेंद्र सेठी, पंडित नितिन झांझरी के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात सहित अन्य प्रांतों से आए गुरु भक्त मौजूद रहे। कार्यक्रम में केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भजन प्रस्तुत किया और सभा को संबोधित करते हुए गुरुवर का आशीर्वाद भी प्राप्त किया। इस अवसर पर मुंबई से आए एक भक्त ने आचार्यश्री से निवेदन किया कि भारतीय करंसी में प्रथम लाइन में ब्राह्मी लिपि में भी लिखा होना चाहिए। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा-वे इस बारे में प्रधानमंत्री से बात करेंगे।