इंदौर। दलाल बाग मैदान में आयोजित अखिल भारतीय श्रावक संस्कार शिविर की धर्मसभा में राष्ट्र संत एवं राजकीय अतिथि निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री 108 सुधासागरजी महाराज ने लगभग सात हजार श्रद्धालुओं को अपने करकमलों से गंधोदक प्रदान किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की उपस्थिति में धर्मसभा संपन्न हुई।
संस्कार-संस्कृति की सुरक्षा का आह्वान
मुनि पुंगव सुधासागरजी महाराज ने कहा कि अध्यात्म शक्ति और राजनीतिक शक्ति के बीच संतुलन आवश्यक है। देश की संस्कृति, धर्म और संस्कारों की सुरक्षा के लिए शासन-प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि भौतिक शक्ति और धर्म एक-दूसरे के पूरक हैं।
उन्होंने पशु क्रूरता अधिनियम में आवश्यक संशोधन कर पशुओं की सुरक्षा को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता भी बताई। अहिंसा और करुणा के देश में जीवों के संरक्षण पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
तप से कठिन है त्याग
मुनि श्री ने कहा कि केवल इच्छाओं का त्याग करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि सहयोगी संबंधों में भी निस्वार्थता और समर्पण का भाव आवश्यक है। बाहरी वस्तुएं आराम दे सकती हैं, किंतु वास्तविक सुख आत्मा की निर्मलता और कर्मों की निर्जरा से मिलता है।
उन्होंने कहा कि तप से भी कठिन त्याग है। जैसे भट्टी में तपे हुए सोने को बाहर निकालना कठिन होता है, वैसे ही जीवन में हेय वस्तुओं और भावों का त्याग करना साधना है। जरूरतमंदों, असहायों तथा जीवों के प्रति करुणा और सहयोग का भाव रखना चाहिए।
मुनि श्री ने कहा कि धन, वाहन, भोजन और भौतिक साधनों से आराम मिल सकता है, सुख नहीं। पराधीनता में वास्तविक सुख संभव नहीं है। श्रद्धा साधु में रखनी चाहिए और गुरु के बताए मार्ग पर चलकर आत्मकल्याण करना चाहिए।
गुरुदेव का आशीर्वाद नई ऊर्जा देता है : ओम बिरला
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव सुधासागरजी महाराज की कृपा और आशीर्वाद उन्हें निरंतर नई ऊर्जा देते हैं। देश की राजनीति के जटिल विषयों पर गुरुदेव का मार्गदर्शन मील के पत्थर की तरह कार्य करता है।
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौरवासियों का सौभाग्य है कि उन्हें गुरुदेव का सान्निध्य प्राप्त हो रहा है। कोटा भाजपा अध्यक्ष राकेश मंडिया ने भी धर्मसभा को संबोधित किया।
14 से अधिक राज्यों के शिविरार्थी शामिल
मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि अखिल भारतीय श्रावक संस्कार शिविर में देश के 14 से अधिक राज्यों के प्रतिनिधि सहभागिता कर रहे हैं। शिविर के माध्यम से धर्म, संस्कार, संयम और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को जीवन में उतारने की प्रेरणा दी जा रही है।
श्रीफल साथी : इंदौर प्रतिनिधि




