इंदौर। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, जबरी बाग नसिया जी में दशलक्षण महापर्व के अवसर पर उत्तम संयम धर्म के तहत धूप दशमी अर्थात सुगंध दशमी पर्व मनाया गया। इस अवसर पर विश्व शांति एवं जैन धर्म के दिव्य संदेश को सुंदर मंडल जी की रचना के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।

दस धर्मों और चार गतियों का प्रतीक

मंडल जी में रखे गए दस कलश दस लक्षण धर्मों के प्रतीक रहे। इसके मध्य में सिद्धचक्र स्थापित किया गया तथा चार स्वस्तिकों के माध्यम से चार गतियों का प्रतीकात्मक दर्शन कराया गया। मंडल जी की रचना संसार से सिद्धत्व की ओर जाने वाले आत्मिक मार्ग का संदेश दे रही थी।

मंडल जी के माध्यम से यह भाव प्रकट किया गया कि चार गतियों के बीच रहते हुए यदि व्यक्ति दस धर्मों का आचरण करे, तो वह आत्मशुद्धि की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

समाजजनों और बच्चों का सहयोग

मंडल जी की रचना में समाज के महेन्द्र कुमार जैन, राजेन्द्र कुमार जैन, राजेश जैन, अश्विनाश जैन, विशाल जैन, उज्जवल जैन काजू, आकाश जैन, सचिन जैन, दीपक जैन, राजीव जैन एवं जितेन्द्र कोरिया जिमी ने सहयोग दिया। महिला मंडल के साथ बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

श्रीफल साथी : हरिहर भैया, मीडिया प्रभारी