इंदौर। दलाल बाग मैदान में आयोजित विशाल श्रावक संस्कार शिविर की धर्मसभा में राष्ट्रसंत, राजकीय अतिथि मुनि पुंगव श्री 108 सुधासागरजी महाराज ने कहा कि जीवन में ऊपर उठना है तो पहले नीचे बैठना और झुकना सीखना होगा। कमल कीचड़ में उगकर भी अपनी सुंदरता से संसार को आकर्षित करता है। इसी प्रकार विनम्र व्यक्ति ही सच्चे अर्थों में ऊंचाई प्राप्त करता है और उच्च गोत्र का बंध करता है।
विनम्रता से मिलता है जीवन का उत्थान
मुनि श्री ने कहा कि बड़े व्यक्ति के पास छोटा व्यक्ति बैठ जाए तो बड़ेपन में वृद्धि होती है, लेकिन बड़े व्यक्ति को भी कभी छोटे के पीछे अथवा नीचे बैठने का भाव रखना चाहिए। गुरु के चरणों में अपनी इच्छाओं का आग्रह छोड़कर समर्पण का भाव रखना ही सच्ची भक्ति है।
उन्होंने कहा कि गुरु की इच्छा के अनुरूप गुटखा-तंबाकू से दूर रहना, रात्रि भोजन का त्याग करना, गरीबों की सेवा करना तथा गौशाला आदि में दान देना जीवन को धर्ममय बनाता है।
पराई वस्तु पर मन न ललचाए
मुनि श्री ने कहा कि पराई वस्तु को देखकर मन में लालच उत्पन्न न हो, ऐसा पुरुषार्थ करना चाहिए। “इच्छानिरोधस्तपः” अर्थात इच्छाओं और आकांक्षाओं का निरोध ही तप है। त्यागी-व्रती, गरीब, भिखारी अथवा किसी भी जीव से घृणा नहीं करनी चाहिए और पराए धन पर नियत खराब नहीं रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि धन-धान्य का संग्रह भी मर्यादा में रहकर होना चाहिए। जीवन में द्वेषभाव से बचते हुए करुणा, सेवा और संयम की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रधर्म का संदेश
मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने कहा कि पूज्य गुरुदेव का स्पष्ट संदेश है कि सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए हर समय जागरूक रहना चाहिए। शिविरार्थी दस दिनों से घर-परिवार, वस्त्र, आभूषण और मोबाइल जैसी सुविधाओं का त्याग कर देश-विदेश से आए हैं। शिविर के संस्कारों को अपने नगरों में अभियान के रूप में आगे बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी को अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा-पाठ, नियम और व्रत करने का अधिकार है। अलग-अलग आस्थाओं का सम्मान ही सांप्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता का आधार है।
16 हजार दीपों से जगमग हुई महाआरती
प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया ने कहा कि जिज्ञासा समाधान के बाद हुई महाआरती ने इंदौर में इतिहास रच दिया। 16 हजार दीपों की ज्योति से दलाल बाग का वातावरण आलोकित और भक्तिमय बन गया। महाआरती का सौभाग्य शिविर पुण्यार्जक आकाश कोयला परिवार को प्राप्त हुआ।
इंदौर जैन समाज के कार्याध्यक्ष नवीन गोधा ने कहा कि धूप दशमी श्रद्धा का पर्व है। इस अवसर पर इंदौर के विभिन्न जिनालयों में झांकियां एवं धार्मिक सज्जाएं की गईं।
धर्मसभा में विशेष उपस्थिति
प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया, ब्रह्मचारी विनोद भैया, नवीन गोधा, आनंद गोधा, मनीष गोधा, अशोक डोशी, संजय सामरिया, हर्ष जैन, अक्षय कासलीवाल, धर्मेंद्र सिमकेम, रमेशचंद्र निर्वाणा, आकाश कोयला, सौरव बड़जात्या, प्रिंसिपल टोंग्या, हुकम काका कोटा, विजय धुर्रा, गिरीश गिन्नी, संजय पाटोदी, सोनाली बागड़िया, अर्चना गोधा, राहुल सेठी, भूपेंद्र भोपाली, विपुल बाझल एवं राजेश जैन दद्दू सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी समाजजन उपस्थित रहे।
श्रीफल साथी : राजेश जैन दद्दू





