कुचामन सिटी। 1008 भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, डीडवाना रोड पर प्रत्येक शुक्रवार एवं शनिवार को शाम 7 से रात 9 बजे तक ‘संस्कारों की पाठशाला’ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें करीब 25 छोटे-छोटे बच्चों को सामाजिक, धार्मिक, नैतिक एवं संस्कारयुक्त जीवन का पाठ पढ़ाया जा रहा है। पाठशाला में रेखा विनोद पहाड़िया, नीलम काला, प्रीति, आरती एवं पूनम पाटोदी ने बच्चों को अपने माता-पिता, गुरुजनों एवं बड़ों का सम्मान करने तथा उनकी आज्ञा का पालन करने की प्रेरणा दी। साथ ही बच्चों को मोबाइल एवं टीवी का कम से कम उपयोग कर अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

संस्कारवान बालक ही संस्कारवान समाज बनाते

बच्चों को जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का महत्व समझाया जाता है। भारतीय शाश्वत संस्कृति एवं संस्कारों को जीवन में अपनाने, पूजा-पाठ, व्रत-उपवास तथा सदाचार के माध्यम से अनुशासित एवं संस्कारित जीवन जीने की प्रेरणा भी दी जा रही है। पाठशाला में बच्चों को आधुनिकता के साथ अपनी महान भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़े रहने का संदेश दिया जाता है। बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों की जागरूकता एवं सहभागिता भी सराहनीय है। संस्कारवान बालक ही संस्कारवान समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करते हैं। संस्कारों की यह पाठशाला बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में एक सराहनीय एवं अनुकरणीय प्रयास है।