मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के टीएमयू इन्क्यूबेशन फाउंडेशन- टीएमआईएफ और शिक्षा मंत्रालय की एआईसीटीई- डीओएसईएल-इन्नोवेशन सेल के संयुक्त तत्वावधान में डवलपिंग, इन्नोवेशन कल्चर एंड एंटरप्रिन्योरशिप- डीआईसीई कार्यक्रम के तहत टीएमयू के इन्क्यूबेशन सेंटर में हुए एक्सपर्ट लेक्चर में पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, मूंढापांडे के स्टूडेंट्स को रचनात्मक सोच, व्यावहारिक समस्या-समाधान की क्षमता और नवाचार की भावना के विकास पर जोर दिया गया। आइडिया क्रिएशन, क्रिएटिविटी एवम् इन्नोवेशन पर हुई एक्सपर्ट टॉक की थीम आज के विचार, कल का प्रभाव रही। एचके इंडस्ट्रीज के निदेशक हेमंत कुमार मेहता ने बतौर मुख्य वक्ता स्टूडेंट्स से संवाद करते हुए विचार सृजन और इन्नोवेशन के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। मेहता ने छात्रों को मोटिवेट करते हुए कहा, अपने आसपास की दैनिक समस्याओं को ध्यान से पहचानना ही नए विचारों की शुरुआत है।

यदि सही सोच के साथ प्रयास किया जाए तो वही विचार एक व्यावहारिक समाधान में बदल सकते हैं। टीएमआईएफ की मैनेजर ज्योति मदान एवं डिप्टी मैनेजर दीपक जैन ने टीएमयू के इन्नोवेशन एवं इन्क्यूबेशन इकोसिस्टम के बारे में जानकारी देते हुए बताया, प्रारंभिक स्तर पर सोचा गया एक छोटा-सा विचार भी भविष्य में बड़े बदलाव और बड़े नवाचार का आधार बन सकता है। कार्यक्रम में पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, मूंढापांडे के प्राचार्य मनोजकुमार गौतम की उल्लेखनीय मौजूदगी रही। डीआईसीई का मुख्य उद्देश्य स्टूडेंट्स को स्कूली स्तर से ही इन्नोवेशन, क्रिएटिविटी और उद्यमिता से जोड़ने और उनमें भविष्य के नवप्रवर्तकों एवं उद्यमियों की सोच विकसित करना है।