इंदौर। जैन समाज के आध्यात्मिक एवं शैक्षणिक केंद्र विश्व प्रसिद्ध गुणायतन में बा. ब्र. अशोक भैया जी को अधिष्ठाता तथा बा. ब्र. अभय भैया जी को उप-अधिष्ठाता पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। गुणायतन में परम पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ससंघ एवं गुणायतन ट्रस्टियों की उपस्थिति में दोनों ब्रह्मचारियों को नई जिम्मेदारी से सुशोभित किया गया।

नई जिम्मेदारी से समाज में हर्ष

धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इंदौर आश्रम के दोनों भैया जी के मनोनयन से जैन समाज में हर्ष और गौरव का वातावरण है। दोनों को गुणायतन जैसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक एवं शैक्षणिक केंद्र की जिम्मेदारी मिलने पर समाजजनों ने इसे गौरवपूर्ण अवसर बताया।

त्याग, तपस्या और शास्त्र ज्ञान की पहचान

समाजजनों ने कहा कि बा. ब्र. अशोक भैया जी एवं बा. ब्र. अभय भैया जी अपने त्याग, तपस्या, शास्त्र ज्ञान और सेवा भाव के लिए समाज में विशेष रूप से जाने जाते हैं। उनके मार्गदर्शन में गुणायतन धर्म, संस्कार और स्वाध्याय के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को स्पर्श करेगा, ऐसी समाज को पूर्ण आशा है।

समाजजनों ने दी शुभकामनाएं

दोनों भैया जी के मनोनयन पर दिगंबर जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. जैनेन्द्र जैन, महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल, फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोहर झांझरी, आनंद नवीन गोधा, हंसमुख गांधी, टीके वेद, आजाद जी जैन, मयंक जैन, अशोक खासगीवाला एवं फेडरेशन की राष्ट्रीय शिरोमणि संरक्षिका श्रीमती पुष्पा कासलीवाल ने शुभकामनाएं दीं। इसी क्रम में महिला परिषद की संभागीय अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन, श्रीमती रेखा जैन श्रीफल सहित अन्य समाजजनों ने भी दोनों भैया जी को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

संयम, ज्ञान और चरित्र को मिलेगा प्रोत्साहन

डॉ. जैनेन्द्र जैन ने कहा कि दोनों भैया जी के नेतृत्व में गुणायतन से दीक्षित होने वाले बालक-बालिकाएं संयम, ज्ञान और चरित्र की दिशा में और अधिक प्रगति करेंगे। उनके मार्गदर्शन से युवाओं और धर्म के प्रति जिज्ञासु बालक-बालिकाओं को आध्यात्मिक संस्कार एवं शास्त्रीय ज्ञान प्राप्त करने का बेहतर अवसर मिलेगा।

धर्म और संस्कार की दिशा में नई उम्मीद

समाजजनों ने विश्वास व्यक्त किया कि बा. ब्र. अशोक भैया जी एवं बा. ब्र. अभय भैया जी के मार्गदर्शन में गुणायतन धार्मिक शिक्षा, स्वाध्याय, संस्कार निर्माण और आध्यात्मिक जागरण के क्षेत्र में अपनी भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाएगा।

समाज ने किया नियुक्ति का अनुमोदन

गुणायतन के अधिष्ठाता एवं उप-अधिष्ठाता पद पर दोनों ब्रह्मचारियों की नियुक्ति को लेकर संपूर्ण जैन समाज में प्रसन्नता है। समाजजनों ने उनके उज्ज्वल कार्यकाल की मंगलकामना करते हुए कहा कि यह जिम्मेदारी गुणायतन की धार्मिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों को नई दिशा प्रदान करेगी